बाहरी लोगों की जांच : पुलिस ने चलाया विशेष सत्यापन अभियान
Tue, Dec 2, 2025
मकान मालिकों को चेतावनी: बिना कागज किसी को कमरा न दें
उन्नाव। सुरक्षा व्यवस्था को और पुख्ता करने के लिए पुलिस ने हाल के दिनों में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जिले में बढ़ती आवाजाही और बाहरी लोगों की लगातार आमद को देखते हुए पुलिस प्रशासन अब किसी भी जोखिम को मौका नहीं देना चाहता। इसी वजह से पूरे जिले में सघन सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें शहर की भीड़भाड़ वाली बस्तियों से लेकर गांवों के शांत इलाकों तक पुलिस टीमें लगातार पहुंच रही हैं। सड़क किनारे बसी झुग्गी झोपड़ियों, किराए के कमरों, मजदूर कॉलोनियों और फैक्ट्रियों में काम करने वाले बाहरी श्रमिकों की पहचान की ध्यानपूर्वक जांच की जा रही है। अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी व्यक्ति बिना आवश्यक दस्तावेज और सही जानकारी के जिले में न रहे। संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत नजर रखने के लिए पुलिस ने खुफिया इकाई को भी सक्रिय कर दिया है, ताकि जिले की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनी रहे।
शहर और गांव दोनों जगह पुलिस की सघन चेकिंग
मंगलवार को सदर कोतवाली, बिहार थाना क्षेत्र, माखी और दही इलाकों में पुलिस और खुफिया टीमों ने संयुक्त रूप से छापा-जैसी कार्रवाई की। झुग्गी बस्तियों, किराए के मकानों, फैक्ट्रियों और मजदूर कॉलोनियों में पुलिस अचानक पहुंची और लोगों के पहचान पत्र, आधार कार्ड, किरायानामा और अन्य कागजात चेक किए। कई लोगों से उनके वर्तमान पते, काम की जगह और यहां आने के कारण से जुड़ी जानकारी भी ली गई।
बाहरी मजदूरों से लेकर किरायेदारों पर कड़ी नजर
औद्योगिक क्षेत्रों में काम कर रहे बाहरी श्रमिकों का सत्यापन सबसे ज्यादा प्राथमिकता पर है। फैक्ट्रियों में नौकरी कर रहे मजदूरों से दस्तावेज मांगे गए और उनके रहने के ठिकानों की भी जांच की गई। मकान मालिकों को साफ चेतावनी दी गई है कि किसी को भी बिना पहचान सत्यापन के कमरा न दिया जाए। पुलिस ने कहा है कि ऐसे मामलों में मकान मालिकों पर भी कार्रवाई तय है।
अवैध बांग्लादेशी नागरिकों पर विशेष निगरानी
पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि संवेदनशील बस्तियों पर खास नजर रखी जा रही है, ताकि यदि कोई अवैध बांग्लादेशी नागरिक जिले में छिपकर रह रहा हो तो उसे चिन्हित किया जा सके। इसके लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है। जिन लोगों के दस्तावेज संदिग्ध मिले, उनके बारे में अतिरिक्त जांच की जा रही है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संदिग्ध दिखे तो तुरंत सूचना दें -एएसपी
अभियान की जानकारी साझा करते हुए एएसपी अखिलेश सिंह ने कहा कि जिले में सुरक्षा को मजबूत बनाना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति संदिग्ध लगे या कोई गलत हरकत नजर आए तो तुरंत पुलिस को खबर दें। पुलिस का कहना है कि जनता और प्रशासन मिलकर ही जिले को सुरक्षित रख सकते हैं।
अभियान आगे भी इसी कड़ाई से जारी रहेगा
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह अभियान सिर्फ एक दिन की कार्रवाई नहीं है। अगले कुछ दिनों तक जिले के अलग-अलग इलाकों में इसी तरह का सत्यापन चलता रहेगा। खासकर वह जगहें जहां बाहरी मजदूरों की आवाजाही रहती है, उन्हें सूचीबद्ध कर लिया गया है।
एसआईआर अभियान का असर : 2 लाख से ज्यादा नाम हटे
Tue, Dec 2, 2025
73 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा, अंतिम सूची और साफ होने की तैयारी
उन्नाव। विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत चल रहे मतदाता सूची की तस्वीर साफ कर दी है। जिले भर में घर-घर सर्वे और दस्तावेज़ों के मिलान के बाद बड़ी संख्या में ऐसे नाम सामने आए जिन्हें सूची में रहने का हक नहीं था। निर्वाचन विभाग ने बताया कि गणना प्रपत्रों के वितरित होने के बाद डिजिटाइजेशन का करीब 73 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इसी दौरान 2 लाख 16 हजार 314 नाम सूची से हटाए गए हैं।
किन-किन मतदाताओं के नाम हटे
जांच में पता चला कि बड़ी संख्या में लोग स्थायी रूप से दूसरे शहरों में बस चुके हैं। कई घरों में सर्वे के समय कोई नहीं मिला, जबकि हजारों मतदाता ऐसे मिले जिनकी मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार तीन प्रतिशत डिजिटाइजेशन का काम जैसे ही पूरा होगा, ये संख्या और बढ़ सकती है।
जिले में कुल मतदाताओं की स्थिति
उन्नाव जिले की छह तहसीलों में इस समय 23 लाख 25 हजार 53 मतदाता दर्ज हैं। विधानसभावार स्थिति इस प्रकार है:
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बांगरमऊ
(162): 3,59,424
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सफीपुर
(163, अनुसूचित जाति): 3,46,386
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मोहन
(164, अनुसूचित जाति): 3,46,132
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उन्नाव
(165): 4,33,034
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भगवंतनगर
(166): 4,20,381
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पुरवा
(167): 4,19,696
अभियान में लगे 2501 बीएलओ ने घर-घर जाकर फॉर्म बांटे। कुल 16,93,242 प्रपत्र अभी तक पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं।
हटाए गए नामों का पूरा ब्योरा
ताजा आंकड़ों में जो विवरण सामने आया है, वह इस प्रकार है:
• 63,406 मतदाताओं की मृत्यु की पुष्टि
• 22,373 मतदाता सत्यापन के दौरान घर पर नहीं मिले
• 1,04,106 लोग स्थायी रूप से अन्य जगह शिफ्ट
• 24,619 मतदाताओं के नाम दो बार दर्ज थे
• 1,810 मतदाता “अन्य” श्रेणी में हटाए गए
इधर, निर्वाचन विभाग का कहना है कि बाकी बचे प्रपत्रों के अपलोड होते ही सूची एकदम साफ और अपडेट हो जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि यह अभियान आने वाले चुनावों से पहले प्रदेश की सबसे सटीक मतदाता सूची तैयार करने में बड़ी मदद कर रहा है। जिले के अधिकारी पूरे अभियान पर नजर बनाए हुए हैं और निर्देश दिया गया है कि अंतिम सूची जारी होने से पहले किसी भी मतदाता का गलत नाम न छूटे और न ही गलत तरीके से जोड़ा जाए।
डीएम का औचक निरीक्षण में खुली हकीकत : उन्नाव गौशाला की बदहाल तस्वीर आई सामने
Mon, Dec 1, 2025
गौशाला प्रभारी व पशु चिकित्सा अधिकारी निलंबित, नपा ईओ का वेतन रोका
उन्नाव। जिलाधिकारी गौरांग राठी का सोमवार को औचक दौरा प्रशासनिक हलकों से लेकर आम लोगों तक चर्चा में है। तहसील सदर क्षेत्र की वृहद कान्हा गौशाला काशीराम पहुंचते ही डीएम की नजर जैसे ही गौशाला की स्थिति पर पड़ी, हालात देखकर वे नाराज हो उठे। अंदर खड़े अनेक गोवंश कमजोर दिख रहे थे। चारे के नाम पर थोड़ी सी सूखी सामग्री फैली हुई थी, जो न तो मात्रा में पूरी थी और न ही गुणवत्ता में सही। ठंड शुरू होते ही जानवरों को गरम आश्रय और बिछावन की जरूरत होती है, लेकिन यहां ऐसा कोई इंतजाम ठीक से नहीं मिला। टीकाकरण का रिकॉर्ड भी अधूरा निकला। निरीक्षण के दौरान ही डीएम ने आदेश दिए कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई में देर न हो। गौशाला प्रभारी और प्रभारी पशु चिकित्सा अधिकारी को उसी वक्त निलंबित कर दिया गया। वहीं नगर पालिका परिषद उन्नाव के अधिशासी अधिकारी एसके गौतम पर भी गाज गिरी और उनका वेतन रोक दिया गया। डीएम ने स्पष्ट कहा कि गौवंश की सुरक्षा और देखभाल सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है, ऐसे में लापरवाही को नजरअंदाज करना संभव नहीं।
कार्रवाई यहीं खत्म नहीं हुई। जिलाधिकारी ने नगर पालिका उन्नाव के अधिशासी अधिकारी और उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए शासन को पत्र भेजने की तैयारी भी कर दी है। उनका कहना था कि गौशाला का संचालन नियम और जिम्मेदारी के साथ होना चाहिए, वरना कार्रवाई की राह और कड़ी हो जाएगी।
इसी दौरान डीएम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि गौशाला में तुरंत सुधार शुरू किए जाएं। चारा पर्याप्त मात्रा में मिले, गुणवत्ता ठीक रखी जाए, ठंड से बचाने के लिए मोटी बिछावन और गर्म शेड व्यवस्था की जाए और टीकाकरण का पूरा रिकॉर्ड नियमित अपडेट हो। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि अब दोबारा लापरवाही मिली तो नतीजे और गंभीर होंगे।
जिलाधिकारी के अनुसार, भूख और बीमारी से जूझ रहे गोवंश किसी भी सभ्य व्यवस्था पर सवाल उठाते हैं। इसलिए प्रशासन निकट भविष्य में गौशाला का फिर से निरीक्षण करेगा, ताकि सुधार सिर्फ कागजों में नहीं बल्कि वास्तविक रूप में दिखे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले दिनों में गौशाला में चारा, इलाज और देखभाल की स्थिति पहले से बेहतर दिखेगी और पशुओं को ज्यादा सुरक्षित माहौल मिलेगा। इस निरीक्षण के बाद से ही जिले में चर्चा यह है कि अब गौशाला व्यवस्था में बदलाव दिख सकता है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि कार्रवाई का असर जमीन पर उतरेगा और अनदेखे रह रहे गोवंशों की जिंदगी में सुधार की शुरुआत होगी।