हाथापाई का वीडियो वायरल : नगर पालिका परिसर में होमगार्ड और अधिवक्ता भिड़े
Sat, May 16, 2026
बहस से बढ़ा विवाद, धक्का-मुक्की के बाद मचा हंगामा; पुलिस ने शुरू की जांच
उन्नाव। शहर के नगर पालिका परिषद परिसर में शनिवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब एक होमगार्ड और अधिवक्ता के बीच कहासुनी अचानक विवाद में बदल गई। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला सदर कोतवाली क्षेत्र स्थित नगर पालिका परिषद परिसर का बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, होमगार्ड संजय और एक अधिवक्ता के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई थी। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य नोकझोंक हुई, लेकिन कुछ ही देर में माहौल गर्म हो गया। आरोप है कि बहस के दौरान दोनों तरफ से तीखी और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद विवाद हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के दौरान परिसर में मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। नगर पालिका कर्मचारी, अधिवक्ता और अन्य लोग मौके पर जुट गए। कई लोगों ने बीच-बचाव कर दोनों पक्षों को अलग कराया और स्थिति को शांत करने की कोशिश की। इसी बीच वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरी घटना अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर ली। कुछ ही देर में वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया। वायरल वीडियो में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और धक्का-मुक्की जैसी स्थिति दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। घटना के बाद पूरे मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नगर पालिका परिसर जैसे सार्वजनिक स्थान पर इस तरह का विवाद होने से लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन पर भी सवाल उठाए हैं। सदर कोतवाली के क्राइम इंस्पेक्टर राजेश यादव ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की पूरी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से तहरीर नहीं दी गई है। यदि शिकायत मिलती है तो जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कपड़े सुखाने के दौरान उतरा करंट : महिला की दर्दनाक मौत
Sat, May 16, 2026
पति की मौत के बाद परिवार संभाल रही थीं कुसमा, हादसे से गांव में पसरा मातम
उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के पनई बुजुर्ग गांव में शनिवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया। घर के बाहर कपड़े सुखाने के दौरान लोहे के तार में उतरे करंट की चपेट में आने से एक महिला की मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में शोक का माहौल है। मृतका की पहचान स्वर्गीय महेश कश्यप की पत्नी कुसमा के रूप में हुई है। ग्रामीणों के मुताबिक, सुबह कुसमा स्नान के बाद घर के बाहर कपड़े सुखाने निकली थीं। घर के सामने बंधे लोहे के तार पर जैसे ही उन्होंने कपड़े डालने के लिए हाथ लगाया, अचानक तेज करंट दौड़ गया। करंट इतना तेज था कि वह तार से चिपक गईं और खुद को छुड़ा नहीं सकीं। महिला की चीख सुनकर आसपास के लोग और परिजन मौके की ओर दौड़े। आनन-फानन में बिजली का संपर्क हटाने की कोशिश की गई। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने उन्हें तार से अलग किया, लेकिन तब तक उनकी हालत बेहद गंभीर हो चुकी थी। परिजन अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, इसी बीच कुसमा ने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही बिहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीणों ने बताया कि कुसमा बेहद मेहनती और शांत स्वभाव की महिला थीं। पति की मृत्यु के बाद वह अकेले ही परिवार की जिम्मेदारियां संभाल रही थीं। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। गांव की महिलाओं और बुजुर्गों की आंखें नम दिखीं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली लाइन और खुले तारों की जांच होती रहती, तो शायद यह हादसा टल सकता था।
विधायक जन सहायता हेल्पलाइन : अब दफ्तरों के चक्कर नहीं, एक कॉल में दर्ज होगी शिकायत
Fri, May 15, 2026
विधायक पंकज गुप्ता बोले, हर शिकायत पर तय होगी जवाबदेही
हर कॉलर को मिलेगा यूनिक टिकट आईडी; समाधान तक बंद नहीं होगी शिकायत
उन्नाव। आम लोगों की छोटी-बड़ी समस्याओं को सीधे जनप्रतिनिधि स्तर पर सुनने और उनका समयबद्ध समाधान कराने के उद्देश्य से सदर विधायक पंकज गुप्ता ने “विधायक जन सहायता हेल्पलाइन 24x7” की शुरुआत की है। यह व्यवस्था तकनीक आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम पर काम करेगी, जहां जनता अपनी शिकायत दर्ज कराने के साथ-साथ उसकी प्रगति भी ट्रैक कर सकेगी। विधायक की ओर से शुरू की गई यह हेल्पलाइन साल के 365 दिन और चौबीसों घंटे सक्रिय रहेगी। इसके जरिए क्षेत्र के लोग किसी भी समय फोन कर अपनी समस्या दर्ज करा सकेंगे। दावा किया गया है कि यह केवल शिकायत सुनने तक सीमित व्यवस्था नहीं होगी, बल्कि हर मामले की निगरानी और फॉलोअप भी किया जाएगा। विधायक पंकज गुप्ता ने कहा कि जनता अपने प्रतिनिधियों को विश्वास के साथ चुनती है, इसलिए समस्याओं के समाधान में जवाबदेही तय होना जरूरी है। उनका कहना है कि नई हेल्पलाइन व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को दफ्तरों और बिचौलियों के चक्कर से राहत देना है, ताकि जरूरतमंद सीधे अपनी बात रख सकें।
कॉल सेंटर मॉडल पर काम करेगी व्यवस्था
हेल्पलाइन को आधुनिक कॉल सेंटर मॉडल पर तैयार किया गया है। इसके तहत लोग टोल फ्री नंबर 18008917418 पर कॉल कर सकेंगे। कॉल रिसीव करने वाले प्रशिक्षित ऑपरेटर शिकायतकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर, पता और समस्या से जुड़ी जानकारी डिजिटल पोर्टल पर दर्ज करेंगे। शिकायत दर्ज होने के बाद हर व्यक्ति को एक यूनिक टिकट आईडी दी जाएगी। इसी आईडी के जरिए शिकायतकर्ता अपनी समस्या की स्थिति जान सकेगा। पूरी प्रक्रिया डिजिटल डैशबोर्ड से संचालित होगी, जिससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और शिकायतों की निगरानी भी आसान होगी।
राशन, पेंशन से लेकर सड़क-नाली तक की समस्याएं होंगी शामिल
हेल्पलाइन के माध्यम से राशन कार्ड, पेंशन, आवास, सड़क, नाली, बिजली, जल निकासी और अन्य सरकारी विभागों से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराई जा सकेंगी। विधायक कार्यालय की टीम संबंधित विभागों और अधिकारियों को पत्र भेजकर मामलों का निस्तारण कराने का प्रयास करेगी। अगर तय समय में कार्रवाई नहीं होती है, तो मामला सीधे विधायक स्तर पर मॉनिटर किया जाएगा। इसके लिए अलग से फॉलोअप सिस्टम भी बनाया गया है।
सामाजिक सेवाओं को भी हेल्पलाइन से जोड़ा गया
इस व्यवस्था में केवल सरकारी शिकायतें ही नहीं, बल्कि विधायक कार्यालय द्वारा निजी संसाधनों से संचालित सामाजिक सेवाओं को भी शामिल किया गया है। इनमें अयोध्या दर्शन यात्रा, नेत्र शिविर, “विधायक हर घर ज्योति अभियान”, क्षेत्रीय जनसमस्याएं और शव बॉक्स सेवा जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। इन सेवाओं के लिए कॉल सेंटर पर मौजूद ऑपरेटर तत्काल संबंधित टीम को सूचना देंगे, ताकि जरूरतमंदों को समय पर सहायता मिल सके।
संतुष्टि के बाद ही बंद होगी शिकायत
हेल्पलाइन की खास बात इसका फीडबैक सिस्टम बताया जा रहा है। शिकायत का समाधान होने के बाद टीम दोबारा शिकायतकर्ता से संपर्क करेगी और समाधान को लेकर उसकी संतुष्टि की पुष्टि करेगी। जब तक शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं होगा, तब तक शिकायत को बंद नहीं माना जाएगा। विधायक कार्यालय का कहना है कि इस व्यवस्था का मकसद केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि लोगों को यह भरोसा दिलाना है कि उनकी बात सुनी भी जा रही है और उस पर कार्रवाई भी हो रही है।