आंधी-बारिश का कहर : किसान और मासूम बच्चे समेत दो की मौत, दो गंभीर घायल
Wed, May 13, 2026
पेड़ गिरने से अलग-अलग हादसे, कई इलाकों में अफरा-तफरी; चकलवंशी में कार पर गिरा विशाल पेड़
उन्नाव। बुधवार दोपहर मौसम ने अचानक खतरनाक रूप ले लिया। तेज आंधी और बारिश के चलते जिले के कई हिस्सों में पेड़ गिरने की घटनाएं हुईं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए हादसों में एक बुजुर्ग किसान और एक नौ साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। तेज हवाओं की वजह से कई जगह लोगों में दहशत का माहौल रहा।
आम के पेड़ के नीचे बैठे किसान पर टूटा पेड़
पहली घटना दही थाना क्षेत्र के शिगुपुर गांव की है। गांव निवासी 70 वर्षीय राम आश्रय बुधवार शाम गांव के बाहर एक आम के पेड़ के नीचे बैठे हुए थे। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज आंधी शुरू हो गई। कुछ ही देर में तेज हवाओं के दबाव से विशाल आम का पेड़ टूटकर सीधे उनके ऊपर गिर पड़ा। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास मौजूद लोग उन्हें बचाने के लिए दौड़े जरूर, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। गंभीर चोट लगने से राम आश्रय ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। ग्रामीणों के मुताबिक राम आश्रय खेती-किसानी कर परिवार का गुजर-बसर करते थे। उनके परिवार में दो बेटे रवि और अंजन हैं।
यूकेलिप्टस का पेड़ गिरने से छात्र की मौत
दूसरा हादसा आसीवन थाना क्षेत्र में उन्नाव-संडीला मार्ग पर स्थित मकबूल खेड़ा गांव के पास हुआ। तेज आंधी के दौरान सड़क किनारे खड़ा एक बड़ा यूकेलिप्टस का पेड़ अचानक भरभराकर गिर पड़ा। उसी समय वहां से गुजर रहे तीन लोग उसकी चपेट में आ गए। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। पेड़ काफी भारी होने के कारण राहत कार्य में दिक्कत आई। बाद में हैड्रा मशीन बुलाकर पेड़ हटवाया गया और घायलों को बाहर निकाला गया। तीनों घायलों को आनन-फानन मियागंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने 9 वर्षीय अंश को मृत घोषित कर दिया। अंश बाबा खेड़ा गांव का रहने वाला था और कक्षा चार में पढ़ता था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया।
दो घायलों को लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर
हादसे में घायल अमित (करीब 30 वर्ष) निवासी मकबूल खेड़ा और रजेपाल (करीब 42 वर्ष) निवासी बरहा खुर्द की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक इलाज के बाद दोनों को बेहतर उपचार के लिए लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
चकलवंशी में कार पर गिरा पेड़, बड़ा हादसा टला
तेज आंधी का असर चकलवंशी क्षेत्र में भी देखने को मिला। यहां एक बड़ा पेड़ अचानक गिरकर शाखा प्रबंधक की कार पर जा गिरा। पेड़ गिरते ही कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें तेज हवाओं के बीच पेड़ वाहन पर गिरता दिखाई दे रहा है। राहत की बात यह रही कि हादसे के वक्त कार के अंदर कोई मौजूद नहीं था। अगर वाहन में लोग बैठे होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।
मौसम बिगड़ते ही लोगों में मची अफरा-तफरी
शाम के समय अचानक तेज हवाएं और बारिश शुरू होने से शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई जगह पेड़ों की शाखाएं टूटकर सड़कों पर गिर गईं। लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर जान बचाई। प्रशासन की ओर से भी लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहने की अपील की गई है।
DICCI कार्यक्रम में टिप्पणी पर बवाल : दलित उद्यमियों ने जताई नाराजगी
Tue, May 12, 2026
“नीची जाति” शब्द के इस्तेमाल का आरोप, जांच और कार्रवाई की उठी मांग
उन्नाव। अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और कारोबार से जोड़ने के उद्देश्य से आयोजित डिक्की एवं एससी/एसटी हब के जागरूकता कार्यक्रम में मंगलवार को विवाद खड़ा हो गया। कार्यक्रम के दौरान एक महिला प्रतिनिधि की कथित टिप्पणी पर कुछ प्रतिभागियों ने आपत्ति जताई, जिसके बाद मौके पर बहस और नाराजगी का माहौल बन गया। यह कार्यक्रम जिले के नए और मौजूदा दलित उद्यमियों को स्वरोजगार, सरकारी सहायता, ऋण योजनाओं और उद्योग से जुड़े अवसरों की जानकारी देने के लिए आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड और पावरग्रिड के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के जरिए उद्यमिता और सरकारी सहयोग योजनाओं की जानकारी साझा की। कार्यक्रम के दौरान डिक्की की एक महिला प्रतिनिधि मीडिया से बातचीत कर रही थीं। इसी बीच वहां मौजूद हितेश कुमार नाम के युवक ने उनकी एक टिप्पणी पर आपत्ति जता दी। युवक का आरोप है कि बातचीत के दौरान महिला प्रतिनिधि ने कथित रूप से “नीची जाति” शब्द का इस्तेमाल किया, जिसे लेकर वहां मौजूद लोगों में नाराजगी फैल गई। हितेश कुमार ने कहा कि कार्यक्रम में दलित समाज के लोग सरकार की योजनाओं और व्यापारिक अवसरों की जानकारी लेने पहुंचे थे, लेकिन वहां ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया गया जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। विवाद बढ़ने के बाद कार्यक्रम स्थल पर कुछ देर तक तीखी बहस होती रही। कुछ प्रतिभागियों ने इसे असंवेदनशील भाषा बताया, जबकि आयोजकों की ओर से माहौल शांत कराने का प्रयास किया गया। हालांकि, कार्यक्रम बाद में सामान्य रूप से जारी रहा। बताया जा रहा है कि मामले को लेकर अब सामाजिक संगठनों और प्रतिभागियों के बीच चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल किसी पक्ष की ओर से पुलिस में औपचारिक शिकायत दिए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, आयोजकों की तरफ से भी इस विवाद पर आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
निरीक्षण : पानी की गुणवत्ता को लेकर प्रशासन सतर्क, डीएम ने किया वाटर प्लांट का दौरा
Tue, May 12, 2026
अमृत योजना के तहत संचालित 80 एमएलडी प्लांट की मशीनों और सप्लाई व्यवस्था का लिया जायजा
उन्नाव। शहर के लोगों को साफ और सुरक्षित पेयजल मिले, इसे लेकर प्रशासन अब ज्यादा सख्त नजर आ रहा है। मंगलवार को जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने देवारा कला स्थित 80 एमएलडी क्षमता वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निरीक्षण किया। यह प्लांट अमृत योजना के तहत संचालित हो रहा है और शहर की बड़ी आबादी को पानी की सप्लाई यहीं से की जाती है।निरीक्षण के दौरान डीएम ने प्लांट में पानी साफ करने की पूरी प्रक्रिया को करीब से देखा। उन्होंने मशीनों की कार्यस्थिति, फिल्ट्रेशन सिस्टम, पानी की गुणवत्ता जांच और सप्लाई व्यवस्था की जानकारी अधिकारियों से ली। बिजली व्यवस्था और प्लांट के रखरखाव को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हर हाल में सुनिश्चित की जाए। उन्होंने खास तौर पर पानी के पीएच मान, आर्सेनिक, बीओडी, सीओडी समेत अन्य माइक्रो केमिकल तत्वों की समय-समय पर टेस्टिंग कराने को कहा। डीएम ने साफ कहा कि शहरवासियों की सेहत से जुड़ा मामला होने के कारण किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पानी में किसी तरह के हानिकारक तत्व या हैवी मेटल तय मानकों से अधिक नहीं होने चाहिए। इसके साथ ही प्लांट के संचालन में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल पर जोर देते हुए व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए गए।निरीक्षण के दौरान डीएम ने एक अनुभवी एजेंसी से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर तैयार कराने और उसे शासन को भेजने के लिए भी कहा। उनका कहना था कि भविष्य की जरूरतों को देखते हुए जलापूर्ति व्यवस्था को और बेहतर बनाना जरूरी है। वर्षा ऋतु को देखते हुए उन्होंने उच्च क्षमता वाले जनरेटर की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि बारिश या बिजली कटौती की स्थिति में शहर की जलापूर्ति प्रभावित न हो। निरीक्षण के समय नगर पालिका परिषद उन्नाव के अधिशासी अधिकारी, संबंधित विभागों के अधिकारी और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कर्मचारी मौजूद रहे।