डाक चौपाल से बढ़ी जागरूकता : ग्रामीणों को मिली पूरी जानकारी
Mon, Jan 19, 2026
खेल प्रतियोगिताओं के जरिए चौपाल को बनाया गया रोचक
उन्नाव। ग्रामीण इलाकों तक सरकारी योजनाओं की सीधी पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के मार्गदर्शन में जनपद के ग्राम मेथीटिकुर, पोस्ट आटवा में डाक चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मकसद गांव के लोगों को डाक विभाग से जुड़ी उन सेवाओं से रूबरू कराना था, जिनका लाभ लेकर वे अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के साथ आर्थिक भविष्य को भी मजबूत बना सकें। कार्यक्रम के दौरान डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने ग्रामीणों को सरल शब्दों में बताया कि आज का डाकघर सिर्फ चिट्ठी-पत्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह बैंकिंग, बीमा और बचत से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध करा रहा है। चौपाल में आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक, बचत खाता, एसबी, आरडी, टीडी और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इन योजनाओं के जरिए गांव के लोग छोटी बचत से भी सुरक्षित भविष्य की नींव रख सकते हैं। ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ाने और माहौल को उत्साहपूर्ण बनाने के लिए कार्यक्रम में खेल प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। प्रतियोगिताओं में अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को डाक विभाग की ओर से टी-शर्ट भेंट कर सम्मानित किया गया। खेल प्रतियोगिता में गणेश और शिवम ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए विजेता का स्थान हासिल किया, जिन्हें विशेष रूप से सराहा गया। चौपाल में मौजूद वक्ताओं ने “डाक सेवा जन सेवा” के संदेश को दोहराते हुए कहा कि डाक विभाग का प्रयास है कि अंतिम व्यक्ति तक सेवाएं पहुंचें और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी आधुनिक सुविधाओं का पूरा लाभ उठा सकें। इस दौरान ग्रामीणों ने भी योजनाओं को लेकर सवाल पूछे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। कार्यक्रम में शाखा पोस्टमास्टर सुमित कुमार तिवारी, पूर्व सहायक शाखा पोस्टमास्टर रामदुलारे तिवारी, राहुल, पूर्व प्रांत प्रचारक सक्षम सिंह, नीरज तिवारी सहित बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद रहे। ग्रामीणों का उत्साह और सहयोग देखकर अधिकारियों ने उम्मीद जताई कि भविष्य में और अधिक लोग डाक विभाग की योजनाओं से जुड़ेंगे और इसका लाभ उठाएंगे।
निरालानगर–डीह गांव चोरी मामला : पूछताछ और सीसीटीवी जांच तेज, लेकिन चोरियों का राज नहीं खुला
Sun, Jan 18, 2026
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र में हुई दो अलग अलग चोरी की घटनाओं ने इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लाखों के जेवर और नकदी पर हाथ साफ करने वाले चोरों तक पहुंचने के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है। रविवार को पुलिस टीमों ने पीडीनगर मोहल्ले से लेकर निरालानगर तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्धों की पहचान की कोशिश की जा रही है, लेकिन फिलहाल जांच किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। मोहल्ला निरालानगर में चार साल से किराये के मकान में रह रहे अंकुर श्रीवास्तव के घर को चोरों ने निशाना बनाया था। 14 जनवरी की रात घर में घुसे चोरों ने अलमारी और बक्सों के ताले तोड़ दिए और करीब सात लाख रुपये कीमत के जेवरात के साथ 15 हजार रुपये नकद समेट ले गए थे। वहीं दूसरी घटना डीह गांव की है। यहां कमलप्रकाश शुक्ला का घर बंद था। मौके का फायदा उठाकर चोरों ने मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ा और घर से 10 हजार रुपये नकद और दो बैटरियां चोरी कर लीं थी। दोनों मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच तेज कर दी है। रविवार को पुलिस टीमों ने पीडीनगर मोहल्ले से लेकर निरालानगर तक लगे आठ सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। आने जाने वाले संदिग्धों पर नजर रखी गई, लेकिन फिलहाल कोई अहम सुराग हाथ नहीं लगा है। सदर कोतवाल चंद्रकांत मिश्र का कहना है कि चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए अलग अलग टीमें लगाई गई हैं। आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही चोरों तक पहुंच बनाई जाएगी।
छोटे रोल, बड़ा हौसला : जब्बार अकरम का संघर्ष और स्क्रीन तक का सफर
Sun, Jan 18, 2026
अब
स्टार प्लस पर एंट्री, निभाएंगें जेलर का किरदार
उन्नाव। रंगमंच से निकलकर राष्ट्रीय टेलीविजन और वेब प्लेटफॉर्म तक अपनी पहचान बना चुके वरिष्ठ रंगकर्मी जब्बार अकरम एक बार फिर छोटे पर्दे पर अहम भूमिका में नजर आने जा रहे हैं। 19 जनवरी से स्टार प्लस चैनल पर शाम 7 बजे प्रसारित होने वाले धारावाहिक “तोड़ कर दिल मेरा” में वह जेलर के किरदार में दिखाई देंगे। यह भूमिका उनके अभिनय जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है। शहर के पूरब खेड़ा, सिविल लाइन के एक साधारण परिवार में जन्मे जब्बार अकरम ने वर्ष 1990 में रंगमंच से अपने अभिनय सफर की शुरुआत की थी। उनका पहला नाटक “अमीबा” रहा, जिसके निर्देशक वरिष्ठ रंगकर्मी विजय पंडित थे। यहीं से उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं और थिएटर को ही अपना आधार बनाया। उनके लंबे और समर्पित रंगमंचीय योगदान को देखते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित भी किया जा चुका है।
अब तक जब्बार अकरम करीब 30 से अधिक नाटकों में अभिनय और निर्देशन कर चुके हैं। इनमें अमीबा, उनकी मौत, राजा का बाजा, जांच पड़ताल, राज दर्शन, तमाचा, पुरुष, बकरी, बिच्छू, कंजूस, सांझ, लड़की है तो क्या हुआ, वाह रे शहर, दरोगा जी, मिर्जा की बाइसिकल जैसे चर्चित नाटक शामिल हैं। इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक सरोकारों से जुड़े नाटक भी लिखे, जिनमें “वाह रे शहर”, “ये लड़की है तो क्या हुआ” और “दरोगा जी” प्रमुख हैं। इन नाटकों का संभागीय नाट्य समारोहों में मंचन हो चुका है। जीवन यापन के लिए कचहरी के पास डाकघर के बगल में पेंटर और आर्टिस्ट के रूप में काम करते हुए भी उन्होंने रंगमंच से कभी दूरी नहीं बनाई। अपने अभिनय के लंबे सफर में उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलावा हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, दिल्ली और मध्य प्रदेश में भी कई नाट्य प्रस्तुतियां दी हैं।
टेलीविजन की दुनिया में उनकी पहली उपस्थिति वर्ष 1992 में लखनऊ दूरदर्शन के नाटक “उनकी मौत” से हुई थी, जिसके निर्देशक श्री अशरफ हुसैन थे। इसके बाद उन्होंने फिल्मों और वेब सीरीज में भी लगातार छोटे छोटे रोल के तौर में काम किया। खास बात यह है कि जब्बार अकरम ने अपने करियर में अधिकतर भूमिकाएं पुलिसकर्मी के रूप में निभाई हैं, जिनमें उनकी सशक्त और प्रभावी अदाकारी को खास पहचान मिली।
वह बुलेट राजा, मिशन मजनू, फैमिली ऑफ ठाकुरगंज, मिलन टॉकीज, मचान, रायबरेली, प्यारा कुल्हड़, एक्टिंग का भूत, छोलाछाप, जाइए आप कहां जाएंगे जैसी फिल्मों के साथ-साथ वेब सीरीज “ए सूटेबल बॉय”, “गृहण” और सावधान इंडिया में भी नजर आ चुके हैं। इसके अलावा बाबी देओल अभिनीत चर्चित वेब सीरीज “आश्रम-2” में भी उन्होंने सीबीआई अफसर की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे उन्हें डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी व्यापक पहचान मिली।
सम्मानों की बात करें तो जब्बार अकरम को वर्ष 2018 में रंगमंच अभिनय के लिए चयनित किया गया और वर्ष 2020 में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल द्वारा उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान मिलने के साथ ही वह उन्नाव जनपद के पहले कलाकार बने, जिन्हें यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुआ।
अपने नए सीरियल को लेकर जब्बार अकरम का कहना है, कि “मेरे लिए रंगमंच ही मेरी असली पाठशाला रहा है। जो कुछ भी आज तक सीखा, वह थिएटर की वजह से संभव हुआ। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं होता, लेकिन अगर मेहनत और ईमानदारी हो तो रास्ते जरूर बनते हैं। ‘तोड़ कर दिल मेरा’ में जेलर का किरदार मेरे लिए चुनौतीपूर्ण है और उम्मीद है दर्शकों को यह भूमिका पसंद आएगी।”
स्टार प्लस के धारावाहिक में उनकी एंट्री की खबर से उन्नाव के रंगकर्मियों और उनके शुभचिंतकों में खुशी का माहौल है। इस मौके पर राघवेंद्र सिंह, शफी अहमद खान, एसके टाइगर, मोहम्मद आमिर, जया उपाध्याय, सविता उपाध्याय, मोहम्मद रफीक, अनुराग यादव, मोहम्मद सलीम रंगरेज, मो. आजम अकरम, मो. इरफान सिद्दीकी, अभिषेक वर्मा, अस्मिता उपाध्याय और एडवोकेट राघवेंद्र कुमार पाल सहित कई लोगों ने उन्हें बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उन्नाव के रंगमंच से शुरू हुआ जब्बार अकरम का यह सफर आज राष्ट्रीय टेलीविजन और वेब प्लेटफॉर्म तक पहुंच चुका है। उनकी कहानी उन तमाम कलाकारों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपने हुनर के दम पर बड़े मंच तक पहुंचने का सपना देखते हैं।