कोर्ट के आदेश पर एफआईआर : पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष पर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप
Wed, Jan 21, 2026
सदर कोतवाली में दर्ज हुआ केस, आरोपी पक्ष ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
उन्नाव। शहर के एक मोहल्ले की रहने ुवाली एक युवती ने भाजपा के पूर्व नगर अध्यक्ष और उनके दो साथियों पर सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाया है। युवती की शिकायत पर न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी ओर, आरोपी नेता ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे मकान के पुराने विवाद से जोड़कर देखा है। पीड़िता ने न्यायालय में दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि 17 नवंबर 2025 की रात करीब ढाई बजे भाजपा नेता संदीप निगम अपने दो साथियों के साथ उसके घर आए थे। आरोप है कि तीनों ने उसे जबरन कमरे में खींच लिया और उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। युवती का कहना है कि विरोध करने और शिकायत की बात कहने पर उसे जान से मारने की धमकी भी दी गई। पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद उसने पुलिस से शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय के आदेश पर सदर कोतवाली पुलिस ने भाजपा नेता संदीप निगम समेत तीन लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
वहीं इस मामले में आरोपी भाजपा नेता संदीप निगम का कहना है कि युवती जिस मकान में रहती है, वह संपत्ति विवाद से जुड़ा मामला है। उन्होंने बताया कि मकान के चार हिस्सेदार हैं और उन्होंने करीब 40 साल पहले एक हिस्सेदार से दुकान किराये पर ली थी। आरोप है कि युवती ने मकान के दूसरे हिस्से में निर्माण कराने की कोशिश की थी, जिसका उन्होंने विरोध किया था। इसी विवाद को लेकर मामला न्यायालय में पहले से विचाराधीन है और उसी रंजिश में उन पर झूठा आरोप लगाया गया है। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि न्यायालय के आदेश के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के बयान और साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच में जुटी हुई है।
लिफ्ट बनी जाल : बाइक सवार युवक की जेब से 10 हजार उड़ा ले गए शातिर
Wed, Jan 21, 2026
बैंक से रुपये निकालकर घर लौट रहे युवक को रास्ते में बनाया शिकार, दूसरी बाइक से फरार हुए आरोपी
उन्नाव। दही थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े बैंक से रुपये निकालकर घर लौट रहे एक युवक के साथ शातिर तरीके से जेबकटी की वारदात सामने आई है। बाइक सवार युवक ने रास्ते में एक अनजान युवक को लिफ्ट दी और इसी दौरान उसकी जेब से 10 हजार रुपये पार कर दिए गए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी युवक पीछे से आई दूसरी बाइक पर बैठकर फरार हो गया। पीड़ित को कुछ देर बाद रुपये गायब होने का पता चला, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। हसनगंज कोतवाली क्षेत्र के जयगोविंदखेड़ा गांव निवासी मुन्नीलाल राजपूत ने पुलिस को बताया कि वह कानपुर में एक सोने-चांदी की दुकान पर काम करते हैं। बुधवार दोपहर वह नवाबगंज कस्बा स्थित इलाहाबाद बैंक पहुंचे थे, जहां से उन्होंने 10,500 रुपये निकाले। उनकी बाइक में कुछ खराबी थी, इसलिए रुपये निकालने के बाद वह नवाबगंज में ही एक बाइक मिस्त्री के पास गए, लेकिन मिस्त्री वहां मौजूद नहीं मिला। इसके बाद मुन्नीलाल ने दही थाना क्षेत्र में स्थित एक्सिस बैंक जाने का फैसला किया, जहां उनकी पत्नी कुसमा का खाता है। उन्होंने सोचा कि वहां से भी कुछ रुपये निकाल लिए जाएं। मुन्नीलाल ने 500 रुपये शर्ट की जेब में और 10 हजार रुपये पैंट की जेब में रखे और बाइक से निकल पड़े। जब वह बशीरतगंज इलाके में बसहा के पास पहुंचे, तभी सड़क पर खड़े दो युवकों ने उनकी बाइक रुकवाई। इनमें से एक युवक के हाथ में चटाई थी। उसने लिफ्ट मांगी। पहले तो मुन्नीलाल ने मना कर दिया, लेकिन युवक के बार-बार आग्रह करने पर उसे बाइक पर बैठा लिया। बाइक चलने के दौरान पीछे बैठे युवक ने कई बार अपनी सीट बदली और आगे की ओर झुकने लगा। इस पर मुन्नीलाल ने उसे ठीक से बैठने के लिए टोका भी, लेकिन उसने बात को टाल दिया। कुछ दूरी तय करने के बाद युवक बैंक के सामने उतर गया। उसी समय पीछे से एक और बाइक आई, जिस पर बैठकर वह उन्नाव की ओर फरार हो गया। कुछ आगे बढ़ने पर मुन्नीलाल को शक हुआ। उन्होंने बाइक रोककर देखा तो पैंट की जेब कटी हुई थी और उसमें रखे 10 हजार रुपये गायब थे। तब जाकर उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। दही थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। पीड़ित की तहरीर के आधार पर जांच की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जाएगी, ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा जा सके।
प्रशासन की बड़ी कार्रवाई : 36 करोड़ की सरकारी जमीन कब्जा मुक्त कराया
Wed, Jan 21, 2026
नोटिस के बाद भी नहीं हटाया कब्जा, प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर लिया एक्शन
उन्नाव। जनपद में बेशकीमती सरकारी जमीन पर कब्जा जमाए बैठे भू-माफियाओं के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। सदर तहसील के कटरी पीपरखेड़ा इलाके में राजस्व विभाग की अब तक की बड़ी कार्रवाइयों में शामिल इस अभियान के तहत बुलडोजर चलाकर अवैध कब्जे ध्वस्त किए गए। कार्रवाई की खबर फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया।प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार कटरी पीपरखेड़ा क्षेत्र में 18 बीघा से अधिक सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा किया गया था। यह जमीन बेशकीमती बताई जा रही है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 36 करोड़ रुपये आंकी गई है। जांच में सामने आया कि सरकारी भूमि पर पक्के और कच्चे निर्माण खड़े कर दिए गए थे और इन्हें आगे अवैध रूप से बेचने और सौदे कराने का सिलसिला भी चल रहा था।
जानिए पूरा मामला
कटरी पीपरखेड़ा गांव में सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला लंबे समय से चला आ रहा था। जिस पर ग्राम प्रधान प्रतिनिधि अनिल निषाद के अनुसार अवैध कब्जे को लेकर कई बार शिकायत की थी, लेकिन शुरुआती स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं होने से कब्जाधारकों के हौसले बढ़ते गए। बता दें कि यह मामला गांव स्थित खाता संख्या 2078 और 2011 से जुड़ा है, जिनका कुल रकबा लगभग 9 और 10 बीघा है। भू-माफिया वर्षों से इन सरकारी जमीनों पर बाउंड्री कराकर अवैध रूप से प्लॉट काटते और उन्हें बेचते रहे। खाता संख्या 2011 में नए कब्जे और निर्माण की शिकायत लेकर पिछले सप्ताह प्रधान प्रतिनिधि अनिल निषाद स्वयं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और सहायक अभिलेख अधिकारी प्रशांत नायक को शिकायती पत्र सौंपा था। अभिलेख अधिकारी ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जांच कराने और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था। इसके बाद राजस्व विभाग ने अभिलेखों के आधार पर विस्तृत जांच कराई, जिसमें जमीन के सरकारी होने और उस पर अवैध कब्जे की पुष्टि हुई। नियमानुसार कब्जाधारकों को नोटिस जारी कर भूमि खाली करने के निर्देश भी दिए गए, लेकिन तय समय सीमा के बावजूद कब्जे नहीं हटाए गए। नोटिस का पालन न होने पर प्रशासन ने सख्त कदम उठाया।
बुधवार को सहायक अभिलेख अधिकारी प्रशांत नायक के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी किए गए थे। इसके बाद बुलडोजर की मदद से अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर सरकारी जमीन को कब्जा मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान अवैध कब्जा करने वालों में से कोई भी मालिकाना हक जताने सामने नही आया। वहीं बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे। लोगों का कहना था कि इलाके में वर्षों से सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतें सामने आ रही थीं, लेकिन अब जाकर ठोस और निर्णायक कार्रवाई देखने को मिली है।
जांच में अवैध कब्जे की पुष्टि: प्रशांत नायक
सहायक अभिलेख अधिकारी प्रशांत नायक ने बताया कि शिकायत मिलने पर जांच में कीमती सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा पाया गया था। संबंधित लोगों को पूर्व में नोटिस दिए गए, लेकिन कब्जा नहीं हटाया गया। इसके बाद मौके पर कार्रवाई कर अवैध निर्माण ध्वस्त किए गए। उन्होनें बताया कि कार्रवाई के दौरान मौके पर कोई व्यक्ति नहीं मिला। किसने कब्जा किया, इसकी भी जांच कराई जा रही है और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।