फैक्ट्री में पसीना, खाते से गायब रकम : पीएफ घोटाले का शिकार हुआ मजदूर, तीन साल बाद दर्ज हुआ केस
Fri, Apr 17, 2026
पुलिस ने पहले टाला, अब कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा
उन्नाव। एक फैक्ट्री मजदूर की मेहनत की कमाई पर किसी और ने हाथ साफ कर दिया। मामला कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) से जुड़ा है, जहां मजदूर के खाते से बिना उसकी जानकारी के बड़ी रकम निकाल ली गई। हैरानी की बात यह है कि शिकायत के बावजूद पुलिस ने शुरुआत में मामला दर्ज नहीं किया। आखिरकार पीड़ित को कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जिसके बाद अब तीन साल बाद केस दर्ज हुआ है और जांच शुरू की गई है। सदर कोतवाली क्षेत्र के मसवासी गांव निवासी रामनरेश के मुताबिक, वह साल 2005 से अकरमपुर स्थित मिर्जा इंटरनेशनल कंपनी में कटिंग मैकेनिक के तौर पर काम कर रहा है। हर महीने की तनख्वाह उसके बैंक खाते में आती रही।रामनरेश ने बताया कि जब वह अपने कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) का पैसा निकालने के लिए आवेदन करने गया, तो उसे पता चला कि उसके खाते से पहले ही रकम निकाली जा चुकी है। रिकॉर्ड के अनुसार, 5 जुलाई 2022 को 1.80 लाख रुपये और 15 जून 2022 को 49,700 रुपये निकाल लिए गए थे।पीड़ित का कहना है कि इन तारीखों के बीच वह कानपुर के पांडुनगर स्थित पीएफ कार्यालय गया ही नहीं था। ऐसे में किसी और द्वारा पैसे निकाले जाने की बात साफ हो गई। कुछ महीने बाद विभागीय स्तर पर जानकारी मिली कि यह रकम हरदोई जिले के संडीला थाना क्षेत्र के मुरारनगर निवासी एक व्यक्ति के नाम पर निकाली गई है। रामनरेश का आरोप है कि जब उसने इस मामले में शिकायत की, तो पीएफ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने सहयोग करने के बजाय टालमटोल शुरू कर दी। यहां तक कि जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज भी नहीं निकलवाई गई, जिससे सच्चाई सामने आ सकती थी। पीड़ित ने यह भी बताया कि मिर्जा इंटरनेशनल कंपनी प्रबंधन ने उसे भरोसा दिलाया था कि उसके खाते में पैसा वापस आ जाएगा, लेकिन लंबे समय तक ऐसा नहीं हुआ। इसके बाद उसने स्थानीय पुलिस से लेकर पुलिस अधीक्षक तक शिकायत की, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार रामनरेश ने न्यायालय का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश पर अब पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। यह मामला न सिर्फ एक मजदूर के साथ हुई आर्थिक धोखाधड़ी को उजागर करता है, बल्कि यह भी सवाल खड़े करता है कि आखिर सरकारी व्यवस्थाओं में बैठे लोग ऐसी शिकायतों को गंभीरता से क्यों नहीं लेते। अब देखना होगा कि जांच में क्या सामने आता है और पीड़ित को न्याय कब तक मिल पाता है।
सड़क किनारे मिला युवक का शव : परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
Thu, Apr 16, 2026
उन्नाव। गंगाघाट थाना क्षेत्र में गुरुवार को सड़क किनारे एक व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही डायल 112 की पीआरवी टीम और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, सहजनी–फत्तेपुर मार्ग पर ग्राम फत्तेपुर के बाहर सड़क किनारे शव पड़े होने की सूचना मिली थी। इस पर पीआरवी 6806 और गंगाघाट थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मृतक की पहचान फत्तेपुर, गंगाघाट निवासी लाखन (48) पुत्र सुन्दरलाल पासी के रूप में हुई। परिजनों के मुताबिक, लाखन बुधवार शाम घर से सामान लेने निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। गुरुवार सुबह गांव के बाहर सड़क किनारे उनका शव मिलने की सूचना मिली, जिससे परिवार में कोहराम मच गया। घटना की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया शव पर किसी स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं। वहीं, परिजनों का आरोप है कि मृतक के शरीर पर चोट के निशान मौजूद हैं और यह मामला संदिग्ध है। परिजन हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की मांग कर रहे हैं। सूचना पर क्षेत्राधिकारी (सीओ सिटी) दीपक यादव और इंस्पेक्टर गंगाघाट अजय सिंह भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर परिजनों से जानकारी ली और जांच के निर्देश दिए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौत के सही कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
रिटायर्ड शिक्षक की मौत से उठे सवाल : आत्महत्या की जताई जा रही आशंका
Thu, Apr 16, 2026
उन्नाव। शहर के सदर कोतवाली क्षेत्र में एक 70 वर्षीय बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान सिंगरोसी निवासी राजकुमार पुत्र होरीलाल के रूप में हुई है। उनका शव हिरन नगर के पास एक घर में पड़ा मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। स्थानीय लोगों ने घर के अंदर राजकुमार का शव संदिग्ध हालत में देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। बताया जा रहा है कि राजकुमार पूर्व में एक निजी विद्यालय में शिक्षक के पद पर कार्यरत थे। सेवानिवृत्ति के बाद वह अपने गांव सिंगरोसी में रह रहे थे। क्षेत्र में उनकी अच्छी पहचान थी और वे सरल स्वभाव के व्यक्ति माने जाते थे। घटना की जानकारी मिलने पर परिवार के लोग भी मौके पर पहुंचे। हालांकि, मौत के कारणों को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है, जिसमें स्वाभाविक मौत, आत्महत्या या किसी अन्य कारण की आशंका भी शामिल है। सदर कोतवाली प्रभारी सीके मिश्र ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, इसलिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।