आईजीआरएस रैंकिंग : उन्नाव जिला और सभी 21 थाने भी प्रदेश में बने अव्वल
Thu, Jan 8, 2026
फरियादियों की संतुष्टि बनी रैंकिंग की बड़ी वजह
उन्नाव। यूपी सरकार की एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली यानी आईजीआरएस जनसुनवाई पोर्टल पर दिसंबर 2025 की महीनेवार रैंकिंग जारी की गई है। इसमें जनपद ने पूरे प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। यह कामयाबी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह के बेहतर नेतृत्व और लगातार निगरानी का नतीजा मानी जा रही है। आईजीआरएस पोर्टल पर आम लोगों की जो भी शिकायतें दर्ज हुईं, उनका समय पर और सही तरीके से निपटारा किया गया। इसी वजह से उन्नाव पुलिस का प्रदर्शन बाकी जिलों से बेहतर रहा। खास बात यह है कि सिर्फ जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि जनपद के सभी 21 थानों ने भी प्रदेश में पहला स्थान पाया है। थानों पर आने वाली शिकायतों को गंभीरता से सुना गया, फरियादियों से सीधे बात की गई और उनकी समस्या का हल तय समय में किया गया। शिकायत निपटने के बाद लोगों से फीडबैक भी लिया गया, ताकि यह देखा जा सके कि वे संतुष्ट हैं या नहीं। इसी वजह से उन्नाव की रैंकिंग सबसे ऊपर रही। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह सफलता किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरी टीम की मेहनत का नतीजा है। आम जनता की परेशानी को अपनी जिम्मेदारी समझकर काम किया गया, तभी यह मुकाम हासिल हो सका। आईजीआरएस रैंकिंग में पहला स्थान मिलने से उन्नाव पुलिस की छवि मजबूत हुई है। साथ ही यह संदेश भी गया है कि अगर काम सही नीयत और ईमानदारी से किया जाए, तो जनता का भरोसा जीता जा सकता है।
पेयजल संकट से मिलेगी राहत : विधायक पंकज गुप्ता ने कराया बोरिंग कार्य का शुभारंभ
Thu, Jan 8, 2026
एक टैंकर के सहारे गुजर रहा था जीवन, अब मिलेगी नियमित जलापूर्ति
उन्नाव। शहर की ईदगाह पत्थर कटा कॉलोनी में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या अब जल्द ही दूर होने वाली है। कॉलोनीवासियों की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सदर विधायक पंकज गुप्ता ने गुरुवार को क्षेत्र में बोरिंग कार्य का शुभारंभ कराया। इसके साथ ही एक हजार लीटर क्षमता की पानी की टंकी भी स्थापित कराई जा रही है, जिससे कॉलोनी के लोगों को नियमित और स्थायी जलापूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। बताया गया कि ईदगाह पत्थर कटा कॉलोनी में करीब 300 परिवार निवास करते हैं। अब तक इन परिवारों की पानी की जरूरत केवल एक टैंकर के सहारे पूरी हो रही थी। सीमित आपूर्ति के कारण आए दिन लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को अधिक दिक्कतें झेलनी पड़ रही थीं। गर्मी के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी, जब पानी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था। स्थानीय निवासियों की समस्या सामने आते ही सदर विधायक पंकज गुप्ता ने बिना किसी देरी के अपनी निधि से बोरिंग कराने का निर्णय लिया। बोरिंग कार्य के शुभारंभ के अवसर पर उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना भी की। इस मौके पर विधायक ने कहा कि पानी जैसी मूलभूत सुविधा हर नागरिक का अधिकार है। इसके लिए किसी को परेशान न होना पड़े, यह जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि कॉलोनी में बोरिंग और पानी की टंकी की व्यवस्था कराकर स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाया गया है, ताकि लोगों को लंबे समय तक राहत मिल सके। कार्यक्रम के दौरान कॉलोनीवासियों में खासा उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने विधायक का फूल-मालाओं से स्वागत किया और लंबे समय से चली आ रही समस्या के समाधान के लिए उनका आभार जताया। लोगों का कहना था कि बोरिंग और टंकी लग जाने से अब उन्हें टैंकर पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो सकेगा।इस अवसर पर भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष अवनीश गुप्ता सहित कई पार्टी पदाधिकारी और क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में प्रदीप सिंह, पवन सिंह, सोनू श्रीवास्तव, सुनील अवस्थी, सलमान, पंकज तिवारी, सुनील पाल, राजेश विमल, शमशेर अहमद, मोहम्मद रफीक, जाहिद, मनोज, चंदा पाल, मैकू और देशराज प्रमुख रूप से शामिल रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को खास बना दिया।कॉलोनीवासियों ने उम्मीद जताई कि इस पहल से क्षेत्र में जीवन की गुणवत्ता बेहतर होगी और भविष्य में भी इस तरह की मूलभूत समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।
सरकारी जमीन का मामला : माला पहनने से इनकार, लेकिन अधूरी जांच ने बढ़ाई नाराजगी
Thu, Jan 8, 2026
भूमि संख्या 417 के मामले में आधी टीम के पहुंचने से बढ़ी नाराजगी
उन्नाव। शुक्लागंज क्षेत्र के मजरा पीपरखेड़ा एहतमाली में सरकारी जमीन से जुड़े एक मामलें में प्रशासनिक व्यवस्था के दो अलग अलग चेहरे सामने रख दिए। एक ओर तहसील कर्मचारियों ने व्यक्तिगत सम्मान से दूरी बनाकर सरकारी मर्यादा और निष्पक्षता की मिसाल पेश की, तो दूसरी ओर जांच टीम की अधूरी मौजूदगी ने पूरे मामले पर सवाल भी खड़े कर दिए। पीपरखेड़ा में जांच के लिए पहुंचे तहसील कर्मचारियों को कुछ लोगों ने माला पहनाकर सम्मानित करना चाहा। कर्मचारियों ने मना करते हुए साफ कहा कि वे किसी व्यक्तिगत सम्मान के लिए नहीं, बल्कि सरकार के प्रतिनिधि के रूप में अपना दायित्व निभाने आए हैं। उनका कहना था कि माला पहनाना जनप्रतिनिधियों या नेताओं के सम्मान का तरीका हो सकता है, लेकिन वे न नेता हैं और न ही किसी प्रकार का दिखावा उनके काम का हिस्सा है। उनका दायित्व केवल नियम कानून के तहत निष्पक्ष पैमाइश करना है। लोगों के दोबारा आग्रह के बावजूद कर्मचारियों ने अपनी बात पर कायम रहे। कर्मचारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि पैमाइश पूरी तरह सरकारी रिकॉर्ड और नियमों के अनुसार होगी और किसी भी दबाव में आकर कोई फैसला नहीं लिया जाएगा। इस व्यवहार की मौके पर मौजूद लोगों ने सराहना की और कहा कि आज के समय में ऐसा रवैया प्रशासन पर भरोसा बढ़ाने वाला है।
पूरा मामला एक सप्ताह पहले का है। जब मोहल्ला शक्ति नगर निवासी दिव्या अवस्थी और परमसुखखेड़ा निवासी कमलेश सहित अन्य ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि भूमि संख्या 454 और 455 में सरकारी भूमि 417 पर भूमाफियाओं द्वारा अवैध प्लाटिंग की जा रही है। शिकायत को गंभीर मानते हुए जिलाधिकारी ने 2 जनवरी को छह सदस्यीय जांच टीम गठित की थी। लेकिन एक सप्ताह बाद मौके पर पहुंची टीम में केवल सर्वे कानूनगो प्रेम प्रकाश, सर्वे लेखपाल अभिषेक और रमेश ही मौजूद रहे। जबकि बाकी तीन के न आने से शिकायतकर्ता और स्थानीय लोग नाराज हो गए। लोगों ने जांच की पारदर्शिता और प्रशासनिक गंभीरता पर सवाल भी उठाया। टीम के अधूरे पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से ही सरकारी जमीन पर कब्जा हुआ और अब आबादी बसने का हवाला देकर मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने माना कि सरकारी जमीन पर काफी हद तक आबादी बस चुकी है, जिससे नाप जोख में दिक्कत आ रही है और ऐसे मामलों में उच्च अधिकारियों के निर्णय की जरूरत होती है। इस पर ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि सरकारी जमीन पर आबादी बसने दी ही कैसे गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। जांच टीम के पहुंचने पर कुछ लोगों ने तिलक लगाकर स्वागत करने की कोशिश की, लेकिन राजस्व कर्मचारियों ने तिलक लगाने से भी इनकार कर दिया। कानूनगो प्रेम प्रकाश ने बताया कि नाप जोख की प्रक्रिया में कई दिन लग सकते हैं और रिपोर्ट तैयार कर एआरओ को सौंपी जाएगी। वहीं एआरओ प्रशांत नायक ने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद अवैध कब्जेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।