एक ही जमीन, आठ खरीदार : 25 लाख की ठगी का मामला, कोर्ट के आदेश पर 9 पर एफआईआर
Wed, Apr 8, 2026
उन्नाव। जिले में जमीन की खरीद-फरोख्त से जुड़ा एक बड़ा धोखाधड़ी का मामला सामने आया है, जहां एक ही जमीन को अलग-अलग लोगों को बेचकर लाखों रुपये ऐंठने का आरोप लगा है। पीड़ित की शिकायत पर लंबे समय तक कार्रवाई न होने के बाद अदालत के हस्तक्षेप से अब इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई है। आवास विकास कॉलोनी, दही क्षेत्र के रहने वाले राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 7 मई 2024 को मैकुआ खेड़ा निवासी अभिमन्यु यादव से गाटा संख्या 1293 के आधे हिस्से का रजिस्टर्ड एग्रीमेंट कराया था। इसके बदले उन्होंने आरटीजीएस के जरिए 25 लाख रुपये भी दिए थे।
पहले ही बेची जा चुकी थी जमीन
मामले का खुलासा तब हुआ जब राजेंद्र सिंह को पता चला कि जिस जमीन का एग्रीमेंट उनसे किया गया, उसी जमीन को अभिमन्यु पहले ही प्लॉटिंग कर आठ अलग-अलग लोगों को बेच चुका था। यानी एक ही जमीन को कई बार बेचकर रकम वसूली गई। जिन लोगों के नाम सामने आए हैं, उनमें बांगरमऊ, सदर कोतवाली, बारासगवर, घासी खेड़ा, दही, बीघापुर, अजगैन और अचलगंज क्षेत्रों की महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। सभी के नाम अलग-अलग तारीखों में किए गए बैनामों में दर्ज बताए जा रहे हैं।
पैसे मांगे तो मिली जान से मारने की धमकी
राजेंद्र सिंह का कहना है कि जब उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ तो उन्होंने अपने 25 लाख रुपये वापस मांगे। आरोप है कि इस पर अभिमन्यु यादव ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।
पुलिस ने पहले नहीं की सुनवाई
पीड़ित के मुताबिक, उन्होंने दही थाना, सदर कोतवाली, पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी तक शिकायत की, लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई एफआईआर
अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने अभिमन्यु यादव समेत कुल नौ लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
जांच शुरू, आगे और खुलासे संभव
सदर कोतवाल चंद्रकांत मिश्रा के मुताबिक, कोर्ट के निर्देश पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में यह मामला सुनियोजित तरीके से की गई जमीन की धोखाधड़ी का लग रहा है, जिसमें आगे और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।
सतर्क रहने की जरूरत
इस घटना ने एक बार फिर जमीन खरीदते समय दस्तावेजों की गहन जांच और स्थानीय स्तर पर सत्यापन की जरूरत को उजागर किया है, ताकि इस तरह की ठगी से बचा जा सके।
फर्जी जमानत रैकेट का खुलासा : कोतवाली पुलिस की मुस्तैदी से खुला बड़ा खेल, दो गिरफ्तार
Tue, Apr 7, 2026
आठ नकली मुहरें और कई फर्जी दस्तावेज बरामद; कई और मामलों के खुलासे के संकेत
उन्नाव। सदर कोतवाली पुलिस ने अपनी सतर्कता और तेज कार्रवाई से फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपराधियों की जमानत कराने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश कर दिया। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने अदालत की प्रक्रिया से खिलवाड़ करने वाले नेटवर्क को उजागर किया है। पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी फर्जी आधार कार्ड, निवास प्रमाणपत्र और थाने की रिपोर्ट तैयार कर अदालत में दाखिल करते थे और उसी के आधार पर आरोपियों की जमानत करा लेते थे। इस पूरे मामले का खुलासा 30 मार्च को हुई एक शिकायत से हुआ। अचलगंज थाना क्षेत्र के रिठनई गांव निवासी संजय कुमार ने पुलिस को बताया कि उसके और उसके चाचा राजकुमार के नाम से फर्जी दस्तावेज बनाकर नगर मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किए गए और एक अपराधी की जमानत करा ली गई। शिकायत मिलते ही कोतवाली पुलिस ने बिना देरी किए जांच शुरू की और तेजी से साक्ष्य जुटाए। जांच में सामने आया कि सोहेल नाम का आरोपी इस रैकेट का अहम सदस्य है। उसने गुफरान नाम के अपराधी की जमानत कराने के लिए उसके परिवार से 20 हजार रुपये लिए। इसके बाद उसने अपने साथी रंजीत के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और अदालत में पेश कर जमानत हासिल कर ली। कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए 31 मार्च को कांशीराम कॉलोनी मोड़ के पास से सोहेल और गुफरान को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि आरोपियों के पास से आठ फर्जी सरकारी मुहरें, 11 आधार कार्ड और एक इंक पैड बरामद हुआ है, जो इस पूरे फर्जीवाड़े की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले भी कई मामलों में इसी तरह की जालसाजी कर चुके हैं। कोतवाली पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और पुराने मामलों की भी जांच कर रही है। इस पूरी कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर कोतवाली पुलिस की सराहना हो रही है। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस की तत्परता और पेशेवर जांच के चलते ही इतने कम समय में इस संगठित गिरोह का खुलासा संभव हो पाया। फिलहाल आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के साथ-साथ जालसाजी, सरकारी दस्तावेजों की फर्जी तैयारी और आपराधिक साजिश जैसी गंभीर धाराएं बढ़ा दी गई हैं। पुलिस का कहना है कि इस नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने के लिए अभियान जारी रहेगा।
अतिक्रमण हटाओ अभियान तेज : धवनरोड में चला विशेष अभियान
Tue, Apr 7, 2026
अवैध कब्जे हटाए गए, दूकानदारों को दी सख्त चेतावनी
उन्नाव। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए मंगलवार दोपहर प्रशासन ने बड़ा अभियान चलाया। धवन रोड, दादामियां चौराहा और नगरपालिका रोड पर संयुक्त टीम ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की। अभियान की अगुवाई सिटी मजिस्ट्रेट राजीव राज ने की, इसके अलावा नगरपालिका ईओ संजय कुमार गौतम और शहर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र पुलिस बल और पीएसी के जवानों के साथ मौके पर मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान सड़क और फुटपाथ पर फैले सामान को हटवाया गया। कई दुकानदारों को मौके पर ही सख्त चेतावनी दी गई कि सड़क पर कब्जा कर कारोबार करना न सिर्फ नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे आम लोगों को भारी परेशानी होती है। प्रशासन ने साफ कर दिया कि आगे ऐसी स्थिति मिलने पर सीधे जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट ने व्यापारियों से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मकसद किसी का नुकसान करना नहीं, बल्कि शहर में सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करना है। उन्होंने दुकानदारों से अपील की कि वे अपनी दुकान का सामान तय सीमा के भीतर ही रखें, ताकि सड़कें साफ रहें और जाम की समस्या कम हो।अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस ने भी सक्रिय भूमिका निभाई। सड़क किनारे गलत तरीके से खड़े वाहनों को हटवाया गया और कई चालकों को मौके पर समझाइश दी गई। हेलमेट पहनने और सही जगह पार्किंग करने को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया। पीएसी की मौजूदगी से पूरे इलाके में सुरक्षा का माहौल बना रहा और कार्रवाई बिना किसी विवाद के पूरी हुई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस पहल का स्वागत किया। उनका कहना था कि धवन रोड पर लंबे समय से अतिक्रमण के कारण रोज जाम लगता था, जिससे राहत मिलने की उम्मीद है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि यह सिर्फ शुरुआत है। शहर के अन्य व्यस्त बाजारों और सड़कों पर भी इसी तरह के अभियान लगातार चलाए जाएंगे। अधिकारियों ने साफ कहा कि नियमों का पालन ही शहर को व्यवस्थित और सुरक्षित बना सकता है, इसलिए आम जनता और व्यापारियों का सहयोग जरूरी है।