रेलवे ट्रैक पर हादसा : बीघापुर स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आए बुजुर्ग, मौत
Sat, Jul 11, 2026
घटना के कारणों की जांच में जुटी जीआरपी, पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
उन्नाव। बीघापुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार दोपहर ट्रेन की चपेट में आने से 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। सूचना पर स्थानीय पुलिस और जीआरपी मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया। घटना के बाद स्टेशन पर लोगों की भीड़ लग गई और परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस के मुताबिक, हादसा शनिवार दोपहर करीब 12 बजे बीघापुर रेलवे स्टेशन पर हुआ। मृतक की पहचान रामकुमार गौतम (65) पुत्र स्वर्गीय सहाबदीन निवासी मगरायर, थाना बीघापुर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह किसी समय ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आवश्यक कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण रेलवे स्टेशन पहुंच गए। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बुजुर्ग रेलवे ट्रैक पार कर रहे थे या किसी अन्य कारण से ट्रेन की चपेट में आए। जीआरपी प्रभारी सुनील मिश्र ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।
सड़क बनी आफत : जलभराव में बैठकर सभासद का धरना
Sat, Jul 11, 2026
विधायक ने तीन दिन में काम शुरू कराने का दिलाया भरोसा, पालिका बोली, सड़क पीडब्ल्यूडी के अधीन
उन्नाव। लोक नगर से कब्बाखेड़ा जाने वाले मुख्य मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर शनिवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वार्ड के सभासद
ओमेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ पंकज
लोधी के नेतृत्व में स्थानीय लोग जलभराव से लबालब सड़क पर ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने नगर पालिका के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क निर्माण और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था की मांग उठाई। प्रदर्शन के कारण करीब दो घंटे तक मार्ग पर लंबा जाम लगा रहा, जिससे दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी। स्थानीय लोगों ने बताया कि चौधरी खजान सिंह महाविद्यालय के पास करीब 200 मीटर सड़क सबसे अधिक खराब है। बारिश के दौरान यह हिस्सा पूरी तरह पानी से भर जाता है। गहरे गड्ढे पानी में छिप जाने से आए दिन बाइक सवार गिरकर घायल हो जाते हैं। लोगों का कहना है कि लगभग रोज एक-दो ई-रिक्शा भी असंतुलित होकर पलट जाते हैं। इसी रास्ते से प्रतिदिन दो से तीन हजार लोगों का आवागमन होता है। स्कूली बच्चे, छात्र-छात्राएं, महिलाएं, बुजुर्ग और आसपास के गांवों के लोग इसी मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। सभासद ने आरोप लगाया कि सड़क और जलभराव की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन मिला। समस्या का समाधान न होने पर लोगों को सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।
धरना और जाम की सूचना पर पहुंचे विधायक
प्रदर्शन की सूचना मिलने सदर विधायक पंकज गुप्ता मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और अधिकारियों से फोन पर वार्ता कर तीन दिन के भीतर सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिलाकर लोगों के गुस्से को शांत करवाया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने धरना समाप्त कर जाम खोल दिया। हालांकि लोगों ने चेतावनी दी कि तय समय में काम शुरू नहीं होने पर आंदोलन फिर शुरू किया जाएगा।
पालिकाध्यक्ष बोलीं, सड़क पीडब्ल्यूडी की, पालिका की नहीं
पालिकाध्यक्ष श्वेता मिश्रा ने कहा कि जिस सड़क को लेकर प्रदर्शन हुआ, वह नगर पालिका की नहीं बल्कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन है। इस संबंध में पांच दिन पहले पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजा जा चुका है और तत्कालीन जिलाधिकारी गौरांग राठी को भी अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि यह मार्ग रायबरेली-बिलग्राम हाईवे के नाम से जाना जाता है और लंबे समय से पीडब्ल्यूडी की जिम्मेदारी में है। हाल ही में विभाग ने सड़क का निर्माण कराया, लेकिन करीब 200 मीटर हिस्सा अधूरा छोड़ दिया। ऐसे में इस सड़क की जिम्मेदारी नगर पालिका पर डालना उचित नहीं है।
एडीएम बोले, सोमवार या मंगलवार से शुरू होगा काम
एडीएम एवं निकाय प्रभारी अमिताभ यादव ने बताया कि विधायक के माध्यम से धरना-प्रदर्शन की जानकारी मिली थी, जिसके बाद मामले का संज्ञान लिया गया। उन्होंने कहा कि सोमवार या मंगलवार से सड़क निर्माण का कार्य शुरू कराने का प्रयास किया जाएगा। यदि किसी कारण से निर्माण कार्य तत्काल शुरू नहीं हो पाता है तो सबसे पहले गड्ढों को भरवाकर मार्ग को आवागमन के लिए सुरक्षित बनाया जाएगा, ताकि लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
डंपर से टकराने के बाद पीछे हटी रोडवेज बस : तीन लोगों की दर्दनाक मौत
Sat, Jul 11, 2026
नुकसान देखने के लिए बस से नीचे उतरे थे यात्री, परिचालक समेत चार लोग चपेट में आए
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर दही थाना क्षेत्र स्थित रोडवेज वर्कशॉप के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में तीन लोगों की जान चली गई। डंपर से टकराने के बाद बस से नीचे उतरकर क्षतिग्रस्त हिस्से का जायजा ले रहे यात्रियों को यह अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पल बाद वही बस उनकी मौत का कारण बन जाएगी। चालक ने बस को पीछे हटाना शुरू किया और पीछे खड़े लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। हादसे में तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस का परिचालक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार रोडवेज बस हाईवे पर आगे चल रहे एक डंपर से टकरा गई थी। टक्कर के बाद बस रुक गई और कुछ यात्री व परिचालक नीचे उतरकर आगे हुए नुकसान को देखने लगे। इसी दौरान चालक ने बिना पीछे की स्थिति देखे बस पीछे कर दी, जिससे चार लोग उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायलों को बाहर निकलवाया, लेकिन तीन लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घायल परिचालक को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे के कारण कुछ देर तक हाईवे पर यातायात भी प्रभावित रहा, जिसे पुलिस ने बाद में सामान्य कराया। मृतकों की पहचान राजेंद्र (50) पुत्र स्वामी प्रसाद, निवासी मदनपुर, थाना कप्तानगंज, जिला बस्ती तथा रामनरेश (40) पुत्र रामदास, निवासी तुलसी तारा, थाना पूरा कलंदर, जनपद अयोध्या के रूप में हुई है। तीसरे मृतक की पहचान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि रामनरेश अपनी पत्नी के साथ कानपुर में अपने ससुर के अंतिम संस्कार में शामिल होने जा रहे थे। सफर के दौरान हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह बस चालक की लापरवाही सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।