पूर्व सैनिकों की बैठक में समाजसेवा के नए अभियान तय : चार नए सदस्य जुड़े
Thu, Dec 11, 2025
पूर्व सैनिकों ने कहा, राष्ट्र सेवा के बाद समाज सेवा भी समान जिम्मेदारी
उन्नाव। पूर्व सैनिक समाज सेवा एसोसिएशन की बैठक रविवार को करोवन मोड़ स्थित मिडोज गेस्ट हाउस में आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राजेश सिंह सेंगर ने की। कार्यक्रम की शुरुआत संगठन की अब तक की गतिविधियों और विभिन्न सामाजिक अभियानों की समीक्षा से हुई। बैठक में जिले में संगठन का विस्तार, जरूरतमंद परिवारों की सहायता, युवाओं को सही मार्गदर्शन और सामाजिक जागरूकता अभियानों को व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी सदस्यों ने कहा कि पूर्व सैनिकों ने देश की रक्षा के साथ समाज निर्माण में भी हमेशा अग्रणी भूमिका निभाई है और आगे भी यह सेवा भावना उसी मजबूती के साथ जारी रहेगी। एसोसिएशन की आगामी कार्ययोजना भी इसी बैठक में तय की गई। इसमें सेवा शिविर, जनहित कार्यक्रम, शिक्षा और रोजगार से जुड़े मार्गदर्शन सत्र, तथा आपदा या संकट की स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराने जैसी प्रमुख गतिविधियाँ शामिल हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि इन कार्यक्रमों को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक लोगों तक मदद पहुंच सके।
बैठक के दौरान जिला संयोजक आशुतोष मिश्रा ने संगठन में चार नए पूर्व सैनिक सदस्यों को सदस्यता दिलाई। नए सदस्यों ने समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय योगदान देने की बात कही। प्रदेश महासचिव संजय सिंह फौजी का संदेश भी बैठक में साझा किया गया, जिसमें उन्होंने पूर्व सैनिकों को समाज की अमूल्य शक्ति बताते हुए संगठन को और मजबूती से काम करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष राजेश सिंह सेंगर, जिला संयोजक आशुतोष कुमार मिश्रा, मास्टर वारंट ऑफिसर योगेंद्र सिंह, सूबेदार वीडियो अजय कुमार मिश्रा, वीके सिंह, वी वी सिंह, फूल सिंह, राजेश बाजपेई, वासुदेव सिंह, एसपी यादव, कृष्णपाल सहित कई पूर्व सैनिक उपस्थित रहे। बैठक में संगठन को मजबूत करने और समाज के हित में बेहतर समन्वय के साथ काम करने का संकल्प लिया गया।
छोटी सी तकरार बनी जानलेवा : युवक की मौत से मोहल्ला सहमा
Thu, Dec 11, 2025
पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम को भेजा, आरोपी को पकड़ने में कई टीम जुटी
उन्नाव। शहर के मोहल्ला नुरुद्दीन नगर में गुरुवार देर शाम एक मामूली सी नोकझोंक ने 22 साल के युवक की जान ले ली। वारदात जिसने पूरे मोहल्ले को सन्न कर दिया, उसकी शुरुआत सड़क किनारे जल रहे कचरे से हुई। बताया जा रहा है कि मो. तुफैल अहमद किसी काम से बाहर निकला था। उसी दौरान आग को हटाने के लिए रखा डंडा उसके पैर से छू गया। इसी बात को लेकर पास में मौजूद रहमत अली से उसकी तू-तू, मैं-मैं हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच की कहासुनी बढ़ी और रहमत अली गुस्से में आकर उसी डंडे को उठाकर तुफैल के सिर पर दे मारा। वार इतना तेज था कि तुफैल मौके पर ही गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह उसे संभाला और आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने उसे गंभीर हालत में भर्ती किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उसने दम तोड़ दिया। तुफैल की मौत की खबर मिलते ही उसके घर में कोहराम मच गया। आस-पड़ोस के लोग भी बड़ी संख्या में जमा हो गए। माहौल तनावपूर्ण होता देख कोतवाली सदर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और भीड़ को शांत किया। पुलिस ने मौके का निरीक्षण करने के बाद शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा कराया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
परिवार के मुताबिक तुफैल रोज कमाने वाला लड़का था और घर की पूरी जिम्मेदारी उसी पर थी। वह अपने माता-पिता के साथ रहता था और दिहाड़ी मजदूरी कर किसी तरह घर चलाता था। पड़ोसियों का कहना है कि तुफैल और रहमत के बीच पहले कभी कोई गंभीर विवाद नहीं हुआ। दोनों सामान्य व्यवहार में रहते थे। लेकिन गुरुवार की वह छोटी सी तकरार अचानक हिंसक मोड़ ले गई, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।इधर, सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि आरोपी रहमत अली वारदात के बाद घर छोड़कर फरार हो गया। उसकी तलाश में कई टीमें लगाई गई हैं। पुलिस का कहना है कि इलाके में शांति बनी हुई है और हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। उधर, घटना से पूरे मोहल्ले में गम और दहशत का माहौल है। लोग कह रहे हैं कि छोटी सी बात पर कोई किसी की जान ले लेगा, यह सोचकर ही रूह कांप जाती है।
पुरवा केस में बड़ा मोड़ : सीओ दीपक सिंह को हाईकोर्ट से बड़ी राहत, एफआईआर आदेश पर रोक
Wed, Dec 10, 2025
अदालत ने पूछा, अधिकारी पर सीधी एफआईआर कैसे—अनुमति प्रक्रिया का पालन क्यों नहीं हुआ
उन्नाव। पुरवा थाना क्षेत्र के संवेदनशील मामले में तत्कालीन क्षेत्राधिकारी दीपक सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश पर अब नया मोड़ आ गया है। उन्नाव के SC/ST विशेष न्यायालय के निर्देशों को चुनौती देने पर उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ ने अंतरिम रोक लगा दी है। इससे पूरे घटनाक्रम की दिशा बदल गई है और मामला अब उच्च स्तर पर कानूनी जांच के घेरे में आ गया है।
मूलचंद की अपील से उठी कार्रवाई
भुलेमऊ निवासी मूलचंद ने अदालत में यह कहते हुए अपील की थी कि उनके भाई श्रीचंद ने लगातार उत्पीड़न और पुलिस की निष्क्रियता से परेशान होकर खुद पर केरोसिन डालकर आग लगा ली थी। गंभीर झुलसने के बाद उनकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने शिकायतें कीं, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसके बाद मूलचंद ने धारा 156(3) के तहत अदालत में प्रार्थना पत्र देकर तत्कालीन सीओ समेत अन्य नामजद व्यक्तियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
निचली अदालत का आदेश
अदालत ने 25 नवंबर 2025 को SC/ST विशेष न्यायालय के रूप में आदेश देते हुए पुरवा पुलिस को निर्देश दिया कि वह पूरा मामला दर्ज कर जांच शुरू करे। यह आदेश मिलते ही पुलिस पर विधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करने की जिम्मेदारी आ गई थी।
हाईकोर्ट की प्राथमिक टिप्पणी
आदेश को चुनौती देते हुए दीपक सिंह उच्च न्यायालय लखनऊ पहुंचे। प्रारंभिक सुनवाई में हाईकोर्ट ने सीधा सवाल उठाया कि निचली अदालत ने BNSS की धारा 175(4) में निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए बिना आदेश कैसे जारी कर दिया।अदालत ने कहा कि किसी सरकारी अधिकारी के खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज करने से पहले आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य है। यह प्रक्रिया पूरी किए बिना आदेश लागू नहीं किया जा सकता।
पूरे आदेश पर रोक
हाईकोर्ट ने निचली अदालत के एफआईआर दर्ज कराने के आदेश पर रोक लगा दी और उन्नाव की अदालत को मामले में आगे की किसी भी कार्रवाई से भी रोक दिया। अदालत का कहना है कि पहले यह तय होना चाहिए कि निचली अदालत का आदेश विधिक रूप से सही था या नहीं। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई का रास्ता तय होगा।
15 जनवरी को अगली सुनवाई
मामला महत्वपूर्ण मानते हुए उच्च न्यायालय ने अगली तारीख 15 जनवरी 2026 तय की है। इस दिन दोनों पक्षों की दलीलें विस्तार से सुनी जाएंगी। सुनवाई के बाद यह स्पष्ट होगा कि एफआईआर दर्ज कराने का आदेश बहाल होगा या उसे स्थायी रूप से खारिज कर दिया जाएगा।