शहर को नया रूप देने की शुरुआत : कई साल पुराने अतिक्रमण हटाए गए
Wed, Dec 10, 2025
पुलिस ऑफिस तिराहे से शुरू होकर अम्बेडकर पार्क तक सुंदरीकरण की तैयारी
उन्नाव शहर को साफ, सुरक्षित और बेहतर रूप देने के लिए नगर पालिका प्रशासन ने बुधवार को एक खास पहल की शुरुआत की। पुलिस ऑफिस तिराहे से लेकर कचहरी पुल तक चला यह सुंदरीकरण अभियान पूरे दिन चर्चा में रहा। सड़क किनारे वर्षों से खड़े खोखे, ठेले और अस्थायी निर्माण हटते ही सड़क का असली चौड़ापन सामने आया।
अभियान की कमान नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी एस. के. गौतम ने संभाली। उनके साथ नगर पालिका की टीम और पुलिस बल भी मौजूद रहा, ताकि कार्रवाई में किसी तरह की रुकावट न आए। सुबह ही कचहरी गेट के सामने जेसीबी मशीन पहुंची और अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू हुई। कई दुकानें और ढांचे ऐसे थे जो लंबे समय से सड़क के हिस्से पर कब्जा किए हुए थे।
कुछ दुकानदारों ने आपत्ति जताने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की मौजूदगी में माहौल शांत बना रहा और टीम ने बिना किसी विवाद के पूरी कार्रवाई पूरी की। कार्रवाई के दौरान कुछ देर के लिए यातायात प्रभावित रहा। ट्रैफिक पुलिस ने रास्ता बदलवाकर वाहनों को निकालना शुरू किया और थोड़ी ही देर में स्थिति सामान्य हो गई।
नगर पालिका के अनुसार यह केवल अतिक्रमण हटाने का अभियान नहीं है, बल्कि शहर को नया रूप देने का काम भी साथ-साथ होगा। सड़क किनारे नई पेंटिंग, डिवाइडर की मरम्मत, नालियों की सफाई और स्ट्रीट लाइटों की सुधार कार्य सूची में शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन बदलावों के बाद यह पूरा मार्ग और व्यवस्थित और सुंदर दिखेगा। अम्बेडकर पार्क के आसपास भी बड़े पैमाने पर काम किया जाएगा। पार्क की दीवारों पर नई पेंटिंग, फुटपाथों की मरम्मत और परिसर से कचरा हटाने का काम जल्द शुरू होगा। नगर पालिका का मानना है कि शहर के प्रमुख स्थानों का रूप बदलना जरूरी है, ताकि लोग स्वच्छता और व्यवस्थित यातायात का अनुभव कर सकें।ईओ एस. के. गौतम ने कहा कि शहर को आधुनिक और आकर्षक बनाने के लिए ऐसे अभियान आगे भी चलते रहेंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सड़क किनारे अवैध रूप से दुकानें लगाने से बचें और प्रशासन का सहयोग करें, ताकि शहर का विकास रुक न सके। अतिक्रमण हटते ही पुलिस ऑफिस तिराहा से कचहरी पुल का इलाका खुला-खुला नजर आने लगा है। अब सुंदरीकरण के अगले चरण में रंगाई-पुताई और सफाई का काम शुरू होगा, जिससे आने वाले दिनों में इस पूरे मार्ग की तस्वीर साफ तौर पर बदली हुई दिखाई देगी।
किस्मत का कड़वा खेल : पति का अंतिम संस्कार, पत्नी ने दिया बेटे को जन्म
Wed, Dec 10, 2025
उन्नाव। गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के लालताखेड़ा गांव में सोमवार का दिन एक ऐसे हादसे का गवाह बना, जिसने पूरे गांव को भीतर तक हिला दिया। एक ही परिवार में कुछ घंटों के अंतर पर जिंदगी और मौत आमने-सामने खड़ी दिखाई दी। घर में एक ओर बेटे की अर्थी सजी थी, तो दूसरी ओर उसी घर की बहू ने अस्पताल में एक नवजात बेटे को जन्म दिया। पूरे गांव में वातावरण भारी था, और हर किसी की जुबान पर बस यही बात थी कि किस्मत ने यह कैसा मोड़ दे दिया।
लालताखेड़ा निवासी 29 वर्षीय बेचेलाल दोपहर अपने बाग में फांसी पर झूलते मिले। घरवालों ने बताया कि वह काफी समय से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे, लेकिन किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेंगे। गांव वालों ने पुलिस को खबर दी। गंगाघाट पुलिस मौके पर पहुंची, जांच की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। बेचेलाल अपने माता-पिता लालू प्रसाद और माधुरी के इकलौते बेटे थे, इसलिए इस घटना ने परिवार की कमर ही तोड़ दी।
उधर, बेचेलाल की पत्नी काजल, जो नौ माह की गर्भवती थीं, पति की मौत की खबर सुनकर टूट गईं। रात में ही परिजन उन्हें पोस्टमार्टम हाउस लेकर पहुंचे। वहां बेचैनी और गम के बीच अचानक उन्हें प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिवार वाले तुरंत उन्हें जिला अस्पताल ले गए। कुछ ही देर बाद काजल ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। बच्चे की पहली किलकारी सुनकर अस्पताल में मौजूद हर व्यक्ति की आंखें भर आईं। काजल नवजात को सीने से चिपकाए पति के बिछड़ने का दर्द बयां करती रहीं।पोस्टमार्टम पूरा होने के बाद बेचेलाल का शव गांव पहुंचा। घर पर कोहराम मचा था। रिश्तेदार और गांव वाले ढाढ़स बंधाने पहुंचे, लेकिन माता-पिता की हालत ऐसी थी कि किसी के पास शब्द नहीं थे। श्मशान घाट तक निकली अंतिम यात्रा में सन्नाटा पसरा रहा। हर चेहरा दुख से झुका था। मिश्रा कॉलोनी श्मशान घाट पर बेचेलाल का अंतिम संस्कार किया गया। उधर घर में बुजुर्ग महिलाएं नवजात के माथे को चूमते हुए कह रही थीं कि यह बच्चा अपने साथ पिता की अंतिम याद लेकर आया है। गांव में लोग इस घटना को जीवन की सबसे कड़वी विडंबना बता रहे हैं। परिवार पर एक ही दिन में टूटे दो विपरीत भावों ने माहौल को बेहद भावुक कर दिया है।
त्याग और सेवा की मिसाल : उन्नाव में सोनिया गांधी का जन्मदिन सादगी से मनाया
Tue, Dec 9, 2025
जिला अस्पताल में मरीजों को फल वितरित कर स्वास्थ्य की कामना की
उन्नाव। जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को श्रीमती सोनिया गांधी का 79वां जन्मदिन स्थानीय कार्यालय में सादगी के साथ मनाया। कार्यक्रम की शुरुआत केक काटकर हुई। इसके बाद कार्यकर्ता जिला अस्पताल पहुंचे और मरीजों को फल वितरित किए। उन्होंने सभी के स्वास्थ्य और दीर्घायु की कामना भी की।जन्मदिन पर आयोजित गोष्ठी में कांग्रेसजनों ने सोनिया गांधी के राजनीतिक जीवन और उनके योगदान को याद किया। जिलाध्यक्ष सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि सोनिया गांधी ऐसी नेता हैं जिन्होंने दो बार प्रधानमंत्री पद से खुद को दूर रखा और दूसरों को जिम्मेदारी संभालने का मौका दिया। उन्होंने कहा कि आज के माहौल में जब सत्ता के लिए लंबी खींचतान देखी जाती है, सोनिया गांधी का यह त्याग लोगों को समझना चाहिए। कांग्रेस चिकित्सा प्रकोष्ठ के अध्यक्ष डॉ. आर. एन. कुशवाहा ने कहा कि जरूरतमंदों की सेवा ही कांग्रेस की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने हमेशा मानवीय मूल्यों को प्राथमिकता दी है, इसलिए उनका जन्मदिन सेवा कार्यों के साथ मनाना ही उनकी विचारधारा का सम्मान है।
कार्यक्रम में शिवम अवस्थी, चंद्र प्रकाश शुक्ला, छुन्ना, अमरेंद्र प्रताप सिंह, सुरेश श्रीवास्तव, संजीव श्रीवास्तव, बाबूराम निषाद, प्रदीप कुमार शर्मा, चंद्र प्रकाश सिंह, सैय्यद सैफ, महेश प्रजापति, फैज फारुकी, सुभाष सिंह, ओमकांत पांडे समेत कई कांग्रेसी कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मिलकर केक काटा और अस्पताल में मरीजों के बीच फल वितरित कर जन्मदिन को सेवा दिवस के रूप में मनाया।