यूजीसी मुद्दा : देश और समाज के मुद्दों पर सोच-समझकर राय बनाने की जरूरत: पंकज गुप्ता
Fri, Jan 30, 2026
प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में लिए गए फैसलों को बताया ऐतिहासिक
उन्नाव। यूजीसी से जुड़े मुद्दे पर चल रही बहस के बीच भाजपा के सदर विधायक पंकज गुप्ता ने सोशल मीडिया के माध्यम से एक वीडियो जारी कर अपनी बात रखी। विधायक ने वीडियो संदेश में कहा कि आज हर विषय पर सोशल मीडिया पर तेज बहस हो रही है, आज का दौर सिर्फ सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देने का नहीं, बल्कि सोच समझकर देश और समाज के भविष्य को देखने का है। उन्होंने कहा कि हर विषय पर राय रखना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर भ्रम और बहकावे से बचना उतना ही जरूरी है। विधायक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में कई ऐसे फैसले देखे हैं, जिन्होंने न सिर्फ भारत की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया है, बल्कि राष्ट्रीय एकता को भी नई दिशा दी है। अनुच्छेद 370 का हटना हो या अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण, ये फैसले वर्षों से चली आ रही जनभावनाओं और अपेक्षाओं का सम्मान हैं। पंकज गुप्ता ने कहा कि आज कुछ राजनीतिक ताकतें यूजीसी जैसे संवेदनशील मुद्दों को लेकर भ्रम फैलाने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में आम लोगों को तथ्यों के आधार पर सोचने और किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार से दूर रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश की एकता और अखंडता से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता। सदर विधायक ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि “बंटेंगे तो कटेंगे, एक रहेंगे तो सुरक्षित रहेंगे” सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि देश के अनुभव से निकला हुआ सच है। उन्होंने कहा कि एकजुट समाज ही मजबूत राष्ट्र की नींव होता है।
विधायक ने कहा कि देश का मान-सम्मान और गौरव तभी बना रह सकता है, जब जनता और नेतृत्व एक साथ, एक दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि सकारात्मक सोच के साथ विकास और राष्ट्रीय हित के फैसलों में सरकार का साथ दें, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और सशक्त भारत मिल सके।
ललित आत्महत्या मामला : प्रेमिका के परिजनों पर उकसाने का मुकदमा
Thu, Jan 29, 2026
चौकी और कोतवाली में घंटों बैठाने का आरोप, पुलिस भूमिका पर सवाल
उन्नाव। अकरमपुर मोहल्ले में प्रेमिका के परिजन की कथित प्रताड़ना से आहत फैक्टरी श्रमिक ने पहले जहर खाया और फिर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली। पिता की तहरीर पर पुलिस ने प्रेमिका के माता-पिता सहित पांच के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला अकरमपुर निवासी 23 वर्षीय ललित निजी फैक्टरी में काम करता था। पिता दुर्गा शंकर कश्यप ने बताया कि बेटे की एक गांव की युवती से फोन पर चोरी-छिपे बातचीत होती थी। 28 जनवरी को युवती घर से बिना बताए कहीं चली गई थी। दोपहर करीब दो बजे युवती के माता-पिता व चाचा घर आए और ललित को जबरन साथ ले गए। रास्ते में ललित के साथ मारपीट की। कुछ देर बाद जब युवती घर लौटी तो ललित को मगरवारा चौकी में बैठा दिया।
जानकारी मिलने पर वह पत्नी शिवपती के साथ चौकी पहुंचे। पुलिस से बात कर किसी तरह बेटे को घर ले गए। आरोप है कि घर जाते समय रास्ते में युवती के पिता, मां, चाचा और दो अन्य महिलाओं ने उन्हें रोक लिया और दोबारा मारपीट की। आरोप है कि इन लोगों ने ललित से 12 लाख रुपये की मांग की और धमकी दी कि यदि रकम नहीं दी गई तो वे पूरे परिवार को जेल भिजवा देंगे। आरोप है कि आरोपियों ने ललित को इतना प्रताड़ित किया कि उसने पहले जहर खाया और बाद में फंदे से लटक कर अपनी जान दे दी। ललित और युवती वर्ष 2023 से एक-दूसरे से बात कर रहे थे और इस बात की जानकारी युवती के परिजन को भी थी।
घटना के बाद कोतवाली पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठ रहे हैं। पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी पक्ष का साथ दे रही थी। बताया कि चौकी में प्रताड़ना के बाद जब पुलिस उन्हें और बेटे को कोतवाली ले गई तो वहां भी रात 9:30 बजे तक बिठाए रखा गया। उनका कहना था कि निर्दोष होते हुए भी पुलिस ने उनकी नहीं सुनी जिसका परिणाम यह हुआ कि उनके बेटे को अपनी जान गंवानी पड़ी। ललित दो बहनों का इकलौता भाई था।
कोतवाल चंद्रकांत मिश्र ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार करा दिया गया है। मृतक के पिता की तहरीर पर दंपती सहित पांच परिवारीजन के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
शिक्षामित्र हत्याकांड : तमाम कोशिशों के बाद भी पुलिस के हांथ खाली
Thu, Jan 29, 2026
लगातार पूछताछ से परेशान पति ने बेटी संग आत्महत्या की बात कही, पुलिस बैकफुट पर
उन्नाव। असोहा थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव में हुई शिक्षामित्र की हत्या की गुत्थी अब और उलझती जा रही है। दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। जांच का दायरा फिलहाल मृतका के पति के इर्द-गिर्द ही सिमटा हुआ है, लेकिन पुख्ता सबूतों के अभाव में पुलिस भी खुलकर कोई कदम नहीं उठा पा रही।
27 जनवरी की रात गोकुलपुर गांव में शिक्षामित्र श्रीकांति (39) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह अपने घर में मृत पाई गई थीं। घटना के बाद से पुलिस ने पति ओमकार रावत, बेटी रिया और जेठ राजेंद्र से कई दौर की पूछताछ की है। बुधवार देर रात पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह और सहायक पुलिस अधीक्षक प्रशिक्षु संचित शर्मा खुद गांव पहुंचे और घंटों पति से सवाल-जवाब किए। पूछताछ के बाद उसे घर भेज दिया गया। अगले दिन थानाध्यक्ष ने पहले बेटी और फिर जेठ से अलग-अलग बातचीत की। दोपहर बाद एसओजी की टीम भी गांव पहुंची और पति से पूछताछ की, लेकिन अब तक ऐसा कोई सबूत सामने नहीं आया, जिससे पुलिस किसी नतीजे पर पहुंच सके। लगातार पूछताछ से मानसिक दबाव में आए पति ने पुलिस के सामने बेटी के साथ आत्महत्या करने की बात कह दी। इस बयान के बाद पुलिस भी बेहद सतर्क हो गई है और बिना ठोस आधार के आगे बढ़ने से बच रही है। एहतियात के तौर पर गांव में सादी वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो स्थानीय लोगों से बातचीत कर अपने स्तर पर जानकारी जुटा रहे हैं। जांच के दौरान कुछ अहम बातें सामने आई हैं। घटनास्थल पर यह संकेत मिले हैं कि महिला को दो गोलियां मारी गई थीं। इसके अलावा छत पर एक कारतूस का खोखा भी मिला है, जिससे आशंका जताई जा रही है कि वारदात के समय छत से हवाई फायर भी किया गया हो। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अभी तक तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं हो सकी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पति ओमकार रावत अक्सर गांव के बाहर संचालित शराब ठेके के पास एक अंडे की दुकान पर बैठता था। इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कई बार विवाद हुआ था। मृतका को पति का वहां बैठना पसंद नहीं था और इसी बात पर अक्सर कहासुनी होती थी। पुलिस इस पहलू को भी ध्यान में रखकर जांच कर रही है। इसके साथ ही पैसों को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। पति का कहना है कि घर में रखे एक बक्से में करीब साढ़े तीन लाख रुपये थे, जिनमें से डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की दो गड्डियां शामिल थीं। उसका दावा है कि एक गड्डी गायब है। हालांकि पुलिस को अब तक ऐसी कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है, जिससे यह साफ हो सके कि रकम वास्तव में गायब हुई है या नहीं, और अगर हुई है तो किसने निकाली। थानाध्यक्ष फूल सिंह का कहना है कि मामले की जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। अभी तक किसी की गिरफ्तारी के लिए पर्याप्त सबूत नहीं मिले हैं। हर पहलू की जांच की जा रही है और एसओजी भी इसी सिलसिले में लगी हुई है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोग पुलिस कार्रवाई पर नजर बनाए हुए हैं और सभी को इंतजार है कि शिक्षामित्र की हत्या की सच्चाई आखिर कब सामने आएगी।