रात एक बजे चली गोली : महिला शिक्षामित्र की मौके पर मौत
Wed, Jan 28, 2026
किसी से विवाद की बात सामने नहीं आई, हर पहलू खंगाल रही पुलिस
उन्नाव। जिले के असोहा थाना क्षेत्र के गोकुलपुर गांव में मंगलवार रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक महिला शिक्षामित्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना देर रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। गोली सीने में सामने की ओर से दाहिनी तरफ मारी गई, जिससे मौके पर ही महिला की मौत हो गई।मृतका की पहचान श्रीकांति (39) पत्नी ओमकार रावत के रूप में हुई है। वह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में पिछले करीब 20 वर्षों से शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत थीं। परिवार में पति, एक बेटी और एक बेटा है। बेटी रिया (13) मां के साथ ही घर पर रहती है, जबकि बेटा रौनक पढ़ाई के लिए ननिहाल में रह रहा है।परिजनों के अनुसार, श्रीकांति रात में लघुशंका के लिए उठी थीं। इसी दौरान अचानक फायर की आवाज आई। आवाज सुनकर घर के लोग जागे और मौके पर पहुंचे, तो श्रीकांति चारपाई पर खून से लथपथ पड़ी थीं। गोली लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी। पड़ोस में रहने वाले जेठ राजेंद्र भी मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हलचल मच गई। रात में ही पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह, क्षेत्राधिकारी तेज बहादुर सिंह और थाना प्रभारी फूल सिंह फॉरेंसिक टीम के साथ गांव पहुंचे। घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई और साक्ष्य जुटाए गए।मृतका के पति की तहरीर पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
बेटी के बदले बयान, जांच में उलझन
जांच के दौरान मृतका की बेटी रिया के बयानों ने मामले को और पेचीदा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, रिया ने पहले बताया कि उसकी मां बाथरूम से लौट रही थीं, तभी सामने से गोली मारी गई और उसने आरोपी को भागते हुए देखा। हालांकि, कुछ समय बाद उसने बयान बदला और कहा कि फायर की आवाज सुनकर जब उसने आंखें खोलने की कोशिश की, तो उसे धुंधला दिखाई दे रहा था, जैसे आंखों में कुछ डाल दिया गया हो। बेटी के बार-बार बदलते बयान और परिवार के किसी से भी बाहरी विवाद की जानकारी न मिलने के चलते पुलिस को घटना के पीछे परिवार के भीतर ही किसी की भूमिका होने की आशंका भी लग रही है। हालांकि, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी नतीजे पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। थानाध्यक्ष फूल सिंह ने बताया कि पति की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और जल्द ही सच्चाई सामने लाने का दावा कर रही है। फिलहाल गांव में दहशत का माहौल है और लोग इस हत्या को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
उपनिदेशक का औचक दौरा : कर्मी निलंबित, सचिव को चेतावनी
Wed, Jan 28, 2026
दो ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के दौरान मिलीं गंभीर खामियां, एफआईआर तक की चेतावनी
उन्नाव। सुमेरपुर विकासखंड की दो ग्राम पंचायतों में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उपनिदेशक पंचायतीराज शाश्वत आनंद औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान एक पंचायत में गंदगी और लापरवाही सामने आने पर सफाईकर्मी को निलंबित कर दिया गया, जबकि दूसरी पंचायत में रिकॉर्ड की भारी कमी पर सचिव को कड़ी फटकार लगाई गई। अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो एफआईआर तक की कार्रवाई होगी। दोपहर के समय उपनिदेशक सबसे पहले ग्राम पंचायत बक्सर पहुंचे। यहां सचिव स्वाति पटेल से पंचायत से जुड़े अभिलेख मांगे गए, लेकिन वह पूरे कागजात प्रस्तुत नहीं कर सकीं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ भुगतान बिना विधिवत पत्रावली के ही कर दिए गए थे। इस पर उपनिदेशक ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पिछले दो वर्षों के सभी अभिलेख एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर प्रस्तुत किए जाएं। ऐसा न होने पर संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी दे दिए गए। निरीक्षण के दौरान पंचायत परिसर में बने आरआरसी सेंटर की स्थिति भी सवालों के घेरे में दिखी। दीवारों में दरारें और फर्श टूटी हुई पाई गई। उपनिदेशक ने इसे निर्माण गुणवत्ता से जुड़ा मामला बताते हुए तकनीकी जांच कराने और रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए।इसके बाद उपनिदेशक ग्राम पंचायत नारायणदासखेड़ा पहुंचे। यहां साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। गांव में जगह-जगह गंदगी और कचरे के ढेर दिखाई दिए। इस पर उन्होंने मौके पर ही जिम्मेदार सफाईकर्मी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया। साथ ही पंचायत अधिकारियों को चेताया गया कि स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के अंत में उपनिदेशक ने साफ कहा कि सरकारी योजनाओं और पंचायत संसाधनों में किसी भी तरह की ढिलाई या अनियमितता सीधे जनता के हितों से खिलवाड़ है। पंचायतों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा, वरना कड़ी कार्रवाई तय है।
बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट : सभी पोल्ट्री फार्मों की होगी जांच
Tue, Jan 27, 2026
सीडीओ की अध्यक्षता में बैठक, कंट्रोल रूम और रैपिड रिस्पांस टीम के निर्देश
उन्नाव। जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। एहतियाती कदमों के तहत मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी सुश्री कृतिराज की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में साफ कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति का इंतजार किए बिना सभी विभाग अभी से पूरी तैयारी रखें।सीडीओ ने बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी 161 पोल्ट्री फार्मों का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कहीं साफ-सफाई और जैव सुरक्षा मानकों में लापरवाही न हो। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में बर्ड फ्लू का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार तैनाती की जाएगी और तय चेकलिस्ट के आधार पर नियमित निगरानी होगी। संबंधित विभागों को उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में पत्र भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। बैठक में कंट्रोल रूम के गठन और उसके प्रभावी संचालन पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही रैपिड रिस्पांस टीम के गठन, बर्ड फ्लू से निपटने के लिए जरूरी दवाओं और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। वन विभाग को झीलों और तालाबों को चिन्हित कर वहां आने वाले प्रवासी पक्षियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। किसी भी स्थान पर पक्षियों की असामान्य मौत की सूचना मिलने पर तत्काल पशुपालन विभाग को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ ने बर्ड फ्लू को लेकर आमजन को जागरूक करने पर भी जोर दिया। पंचायती राज, सिंचाई, वन, चिकित्सा, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और राजस्व विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अपने स्तर पर कार्य योजना तैयार कर गंभीरता से अमल करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का कहना है कि सतर्कता और समय पर की गई तैयारी ही किसी भी संभावित खतरे से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है।