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: अमृत योजना में भ्रष्टाचार के छींटे, सड़क पर फव्वारे की तरह फूटी पाइपलाइन

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Mon, Sep 29, 2025
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तीन बार जुर्माना, फिर भी एजेंसी की मनमानीजलनिगम की निगरानी पर सवाल

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

उन्नाव। शहर वासियों को शुद्ध पानी के लिए निर्माणाधीन 264 करोड़ की अमृत योजना में जगह-जगह भ्रष्टाचार के फव्वारे फूट रहे हैं। जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय के पास सोमवार दोपहर हड़कंप मच गया, जब अमृत योजना के तहत हाल ही में बिछाई गई पाइपलाइन अचानक फट गई। तेज दबाव से पानी सड़क पर फव्वारे की तरह निकलने लगा और कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका तालाब में तब्दील हो गया। इस दौरान हजारों लीटर पानी सड़क पर बह गया और घंटों तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।

मुख्य मार्ग बना तालाब

पाइपलाइन फटने के बाद डीएम कार्यालय से लेकर कचहरी चौराहे तक सड़क जलमग्न हो गई। दोपहिया वाहन पानी में धंस गए, वहीं चारपहिया वाहन लंबे जाम में फंसे रहे। पैदल चलने वालों को भी पानी से होकर गुजरना पड़ा। मजबूरन लोगों को वैकल्पिक मार्ग अपनाने पड़े।

घटिया निर्माण सामग्री और मनमानी के आरोप

स्थानीय लोगों ने जलनिगम और ठेकेदार एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए। लोगों का कहना है कि घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल किया गया और जलनिगम ने सही निगरानी नहीं की। इससे पहले भी इस योजना में कई बार गड़बड़ियां सामने आ चुकी हैं, लेकिन जिम्मेदार एजेंसी की मनमानी पर अंकुश नहीं लग सका।

तीन बार जुर्माना, फिर भी लापरवाही बरकरार

जलनिगम ने निर्माण एजेंसी की लापरवाही पर अब तक तीन बार भारी जुर्माना लगाया है। जून 2023 में सड़कों की मरम्मत न कराने और गलत रिपोर्ट देने पर 1 करोड़ रुपये का जुर्माना। नवंबर 2023 में काम में लेटलतीफी को लेकर 5.50 करोड़ रुपये का जुर्माना। सितंबर 2024 में कार्य में देरी पर 5.90 करोड़ रुपये का जुर्माना। कुल मिलाकर 12.40 करोड़ रुपये का दंड लग चुका है, लेकिन इसके बावजूद एजेंसी की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। सोमवार को पाइपलाइन फटने की घटना ने एक बार फिर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

घंटों बाद हरकत में आया जलनिगम

लोगों का आरोप है कि घटना के कई घंटे बाद तक जलनिगम और नगर पालिका के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। दोपहर बाद जाकर कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य शुरू किया। तब तक हजारों लीटर कीमती पानी सड़क पर बह चुका था और आसपास की दुकानों में भी पानी भर गया।

करोड़ों की योजना पर सवाल

राहगीरों और व्यापारियों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि करोड़ों रुपये की अमृत योजना का फायदा जनता तक नहीं पहुंच रहा। नई पाइपलाइन का कुछ ही महीनों में फट जाना सरकारी कार्यप्रणाली और जलनिगम की निगरानी पर बड़ा सवाल है।

जांच और कार्रवाई की मांग

स्थानीय लोगों ने ठेकेदार एजेंसी और जलनिगम अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। लोगों का कहना है कि जब तक जिम्मेदारों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती, इस तरह की घटनाएं बार-बार होती रहेंगी। फिलहाल मरम्मत कार्य जारी है।

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