अवैध कट, गलत पार्किंग और कमजोर निगरानी से बढ़ी दुर्घटनाएं
उन्नाव। सर्दी बढ़ते ही लखनऊ–आगरा एक्सप्रेसवे पर हादसों का ग्राफ फिर ऊपर चढ़ने लगा है। सुबह और रात के समय घना कोहरा, उस पर तेज रफ्तार और लापरवाही, एक्सप्रेसवे को धीरे-धीरे खतरनाक बना रही है। हालात यह हैं कि लगभग रोज किसी न किसी हिस्से से दुर्घटना की खबर सामने आ रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर सुधार सीमित ही नजर आता है।एक्सप्रेसवे के आसपास खेत, तालाब, नाले और नदी होने के कारण हल्की ठंड में ही घनी धुंध छा जाती है। दृश्यता कम होते ही कई चालक अंदाजे से वाहन चलाने लगते हैं। अचानक सामने खड़ा वाहन, डिवाइडर या कोई जानवर दिख जाए तो संभलने का मौका तक नहीं मिलता। बीते दिनों हुए हादसों में कई लोगों की मौके पर ही मौत हो चुकी है, जबकि कई परिवार हमेशा के लिए जख्म लेकर लौटे हैं।
तड़के और देर रात सबसे ज्यादा खतरा
स्थानीय लोगों और नियमित यात्रियों का कहना है कि तड़के सुबह और देर रात हादसों का जोखिम सबसे ज्यादा रहता है। इसी वक्त कोहरा सबसे घना होता है, लेकिन स्पीड पर प्रभावी नियंत्रण नहीं दिखता। संकेतक और चेतावनी बोर्ड तो लगे हैं, पर उनका असर सीमित है। कई हिस्सों में नियमित पेट्रोलिंग और सख्त निगरानी की कमी साफ महसूस होती है।
अवैध कट और गलत पार्किंग बनी बड़ी वजह
एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की बड़ी वजह अवैध कट और गलत पार्किंग भी है। बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में खंभौली–कबीरपुर के पास बनी करीब साढ़े तीन किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी के दोनों ओर अवैध रूप से खड़े वाहन अक्सर हादसों की वजह बनते हैं। वहीं बेहटामुजावर थाना क्षेत्र तक करीब 40 किलोमीटर में दर्जन भर जगहों पर कंटीले तार काटकर लोगों ने अवैध रास्ते बना लिए हैं। इन कटों से लोग और छुट्टा मवेशी सीधे एक्सप्रेसवे पर पहुंच जाते हैं। जोगीकोट, रसूलपुर रूरी, हैबतपुर, नसिरापुर, रघुरामपुर, बहलोलपुर, सिरधरपुर और गहरपुरवा जैसे इलाके हादसों के लिहाज से बेहद संवेदनशील बन चुके हैं।
इन इलाकों में सबसे ज्यादा हादसे
गहरपुरवा, देवखरी, जोगीकोट, गौरिया कला, बहलोलपुर और खंभौली गांवों के सामने एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं की संख्या ज्यादा बताई जा रही है। कोहरे के मौसम में यहां आड़े-तिरछे खड़े वाहन और अचानक कट पार करने वाले लोग खतरे को और बढ़ा देते हैं।
प्रशासन की तैयारी, लेकिन सवाल बरकरार
यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार अवैध कट बंद कराए जा रहे हैं और गलत तरीके से खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। कोहरे को देखते हुए गश्त बढ़ाई गई है। साथ ही एक्सप्रेसवे के नवीनीकरण के लिए करीब 1500 करोड़ रुपये की योजना पर काम शुरू हुआ है, जिसमें क्रैश बैरियर बदलने, ब्लैक स्पॉट पर रोशनी और कैमरे लगाने की तैयारी शामिल है। हालांकि सवाल यही है कि जब तक ये सुधार पूरी तरह जमीन पर नहीं उतरते, तब तक सफर कितना सुरक्षित है। जानकारों का मानना है कि कोहरे में स्पीड लिमिट कम करना, सक्रिय पेट्रोलिंग, तत्काल चालान और अवैध कट पर सख्ती बेहद जरूरी है। साथ ही वाहन चालकों को भी मौसम के मुताबिक सतर्कता और संयम दिखाना होगा।
हवाई पट्टी पर अवैध पार्किंग के खिलाफ अभियान, 8 वाहनों का चालान
इधर,
एक्सप्रेसवे की हवाई पट्टी पर अवैध पार्किंग को लेकर बांगरमऊ कोतवाली पुलिस ने बुधवार देर शाम विशेष अभियान चलाया। इस दौरान गलत तरीके से खड़े ट्रक, डंपर और अन्य वाहनों को हटवाया गया और आठ वाहनों का चालान किया गया। बांगरमऊ कोतवाली प्रभारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि कोहरे के मौसम में सड़क पर खड़े वाहन बड़े हादसों की वजह बन सकते हैं। इसलिए अवैध पार्किंग किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि दोबारा गलत तरीके से वाहन खड़ा पाए जाने पर संबंधित वाहन को सीज किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि आगे भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सके।