लखनऊ-कानपुर हाईवे बना जाम का जंजाल : यातायात व्यवस्था फेल
Mon, Nov 24, 2025
मरम्मत कार्य और ड्यूटी मॉनिटरिंग की कमी से बिगड़ा सिस्टम
उन्नाव। सोमवार सुबह लखनऊ-कानपुर नेशनल हाईवे पर हालात इतने बिगड़ गए कि कुछ ही मिनटों में पूरा रास्ता वाहनों से पट गया। सुबह-सुबह जब लोग दफ्तर, स्कूल और जरूरी काम पर निकलते हैं, उसी वक्त हाईवे का ट्रैफिक अचानक ठहर गया। दोनों दिशाओं में गाड़ियां इतनी देर तक फंसी रहीं कि कई यात्री थककर कारों से उतर आए। किसी की स्कूल बस जाम में अटकी रही, तो किसी की ऑफिस की गाड़ी समय पर आगे नहीं बढ़ सकी। लंबी कतारों में खड़े ट्रक, बसें, कारें और दोपहिया हाईवे पर जमे दिखाई दिए।
जिन लोगों ने पहले कभी इस रास्ते को इतनी बुरी तरह अटकते नहीं देखा था, वे आज परेशान और नाराज दोनों दिखे। लोगों का कहना था कि जाम कब खुलेगा, इसका अंदाजा किसी को नहीं था और न ही ट्रैफिक विभाग की ओर से स्पष्ट जानकारी मिल सकी। मरम्मत कार्य के बीच बिना योजना के बढ़े वाहन दबाव ने हालात को और खराब कर दिया।
ट्रैफिक व्यवस्था ध्वस्त, विभाग कठघरे में
ऑफिस जाने वाले कर्मचारी, स्कूल-कॉलेज की बसें और जरूरी काम पर निकले लोग घंटों तक फंसे रहे। कई लोग अपने वाहन छोड़कर पैदल आगे की ओर बढ़ते दिखे। लोगों का कहना है कि सड़क मरम्मत और बढ़ते दबाव के बावजूद विभाग ने कोई वैकल्पिक योजना नहीं बनाई। यही वजह है कि हालात मिनट-दर-मिनट बिगड़ते गए।
7 से 8 किलोमीटर तक पसरा जाम
कोतवाली क्षेत्र से दही थाना तक करीब 7 से 8 किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। कानपुर और लखनऊ दोनों दिशाओं में गाड़ियों की रफ्तार रेंगती रही। रोज 10 से 15 मिनट में तय होने वाली दूरी को तय करने में आज कई घंटे लग गए।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए बड़ी परेशानी
स्कूल बसों में बैठे बच्चे परेशान दिखे। बुजुर्ग और महिला यात्रियों को गर्मी और उमस से सबसे ज्यादा दिक्कत हुई। कई लोगों का पानी और जरूरी सामान भी खत्म हो गया।
हेल्पलाइन से भी नहीं मिली सही जानकारी
जाम में फंसे लोगों ने कई बार ट्रैफिक हेल्पलाइन पर फोन किए, लेकिन किसी भी अधिकारी ने यह नहीं बताया कि सड़क कब तक साफ होगी। लोगों ने कहा कि विभाग की ओर से समय-समय पर सूचना देने की जरूरत थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
पुलिस टीमें जुटीं, लेकिन राहत सीमित
जाम बढ़ने पर यातायात पुलिस और स्थानीय पुलिस की तीन टीमें हाईवे पर पहुंचीं। बैरिकेड हटाकर और वाहन एक-एक करके निकालकर रास्ता खुलवाने की कोशिश की गई, पर वाहनों की भारी संख्या के कारण राहत फिलहाल सीमित ही नजर आई।
मरम्मत कार्य ने और बिगाड़ा हाल
हाईवे पर पैच वर्क और कुछ जगह खुदाई होने से पहले ही यातायात धीमा था। सुबह के पीक समय में वाहन बढ़ते ही स्थिति और बिगड़ गई।
अभी बीते दिन भी दिखी अव्यवस्था, डिप्टी सीएम का काफिला फंस गया था
शनिवार रात कानपुर से लौटते समय डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का काफिला भी आजाद मार्ग चौराहे के जाम में फंस गया था। उस वक्त चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे। वायरलेस से सूचना मिलते ही एसपी खुद मौके पर पहुंचे और रास्ता खुलवाया। जांच में पाया गया कि अचलगंज थानाध्यक्ष उस समय थाने में थे। लापरवाही को गंभीर मानते हुए उन्हें उसी रात अचलगंज से हटाकर साइबर थाने भेज दिया गया।
एसपी की सख्ती के बाद भी नहीं दिख रहा सुधार
डिप्टी सीएम के काफिले के फंसने की घटना के बाद एसपी ने कड़ा रुख अपनाया था, लेकिन सोमवार की स्थिति बताती है कि जमीन पर इसका असर नहीं दिखा। हाईवे पर फैला घंटों लंबा जाम साफ दिखाता है कि यातायात व्यवस्था को सुधारने के प्रयास अब भी नाकाफी हैं। लोगों का कहना है कि केवल कार्रवाई से बात नहीं बनेगी, बल्कि जरूरत है कि विभाग रोड प्लानिंग, ड्यूटी मॉनिटरिंग और वैकल्पिक रूट की व्यवस्था को समय रहते मजबूत करे।
बीएसए का आदेश : पुनरीक्षण अवधि में किसी को नहीं मिलेगी जिला छोड़ने की अनुमति
Mon, Nov 24, 2025
बीएलओ से लेकर रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों तक सभी पर कड़ी नजर, अनुपस्थिति पर कार्रवाई तय
उन्नाव। जिले में चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण को समय पर और बिना रुकावट पूरा करने के लिए प्रशासन ने कड़ी व्यवस्था लागू की है। निर्वाचन से जुड़े सभी अधिकारी और कर्मचारी अब पूरे अभियान के दौरान जिले में ही तैनात रहेंगे। बेसिक शिक्षा विभाग के जिन कर्मचारियों को चुनावी जिम्मेदारी दी गई है, उन्हें भी जनपद न छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश बीएसए शैलेश कुमार पांडेय ने जारी किया है। निर्देशों के अनुसार सभी विधानसभाओं में गणना प्रपत्रों का वितरण पूरा होने के बाद अब 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक डिजिटाइजेशन का काम तय समय पर करना है। इस एक महीने की अवधि में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, सहायक अधिकारी, बीएलओ सुपरवाइजर और बीएलओ समेत सभी जिम्मेदार कर्मी लगातार ड्यूटी पर उपलब्ध रहेंगे। किसी भी कारण से जिले से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।
प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि छुट्टियों में भी कार्यालय पहले की तरह खुले रहेंगे। संबंधित कर्मचारियों को उसी समय पर उपस्थित रहना होगा, जैसा सामान्य दिनों में रहते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि चुनावी कार्यों में ढिलाई या अनुपस्थिति पाए जाने पर विभागीय कार्रवाई तय है। बीएसए ने कहा कि पुनरीक्षण अभियान बेहद महत्वपूर्ण है और इसमें किसी तरह की सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लक्ष्य है कि हर विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित तैयार हो, इसलिए सभी कर्मचारी अपने दायित्व को पूरी गंभीरता से निभाएं।
मौरावां में कच्ची शराब के गढ़ ढहे : शहर के गोदामों पर भी सख्त जांच
Sat, Nov 22, 2025
गौरी और चित्ताखेड़ा में छापेमारी, लाइसेंसी दुकानों के स्टॉक और बिलिंग की गहन जांच
उन्नाव। जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान लगातार तेज हो गया है। आबकारी विभाग ने दो मोर्चों पर बड़ी कार्रवाई की। एक तरफ मौरावां क्षेत्र के गांवों में कच्ची शराब के गढ्ढे उजाड़े गए, वहीं दूसरी ओर जिला आबकारी अधिकारी ने शहर और ग्रामीण इलाके में चल रहे थोक व फुटकर शराब गोदामों का औचक निरीक्षण कर सिस्टम की कड़ाई बढ़ा दी। अभियान की जानकारी देते हुए जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र ने बताया कि विभाग को पिछले कुछ दिनों से लगातार सूचना मिल रही थी कि मौरावां थाना क्षेत्र के गौरी और चित्ताखेड़ा गांव में कच्ची शराब बनाने का काम तेज हो गया है। इसके बाद आबकारी निरीक्षक निशांत सिंह ने अपनी टीम और स्थानीय पुलिस स्टाफ के साथ संयुक्त कार्रवाई की योजना बनाई।
टीम ने छापेमारी के दौरान करीब 20 लीटर तैयार कच्ची शराब बरामद की। इसके अलावा करीब 400 किलो लहन महुआ खेतों और नालों के किनारे छिपाकर रखा गया था, जिसे मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों के मुताबिक इतनी मात्रा में लहन से भारी मात्रा में जहरीली शराब तैयार की जा सकती थी, जो लोगों की सेहत के लिए गंभीर खतरा बन जाती। कार्रवाई के दौरान कई संदिग्ध लोग मौके से भाग निकले। टीम को शराब बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले कुछ उपकरण भी मिले, जिन्हें जब्त कर लिया गया। विभाग ने गांव वालों को अवैध शराब से होने वाले खतरे, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले असर और कानूनी कार्रवाई के बारे में जागरूक किया।
इसी बीच जिला आबकारी अधिकारी ने जिले में चल रहे थोक गोदाम FL2, FL2B और फुटकर देशी व कंपोजिट दुकानों का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, बिलिंग, सीसीटीवी फुटेज, बिक्री व्यवस्था और लाइसेंस शर्तों की गहन जांच की गई। अधिकारियों ने दुकानों में साफ सफाई और लेबलिंग की भी पड़ताल की। नियमों में किसी तरह की चूक मिलने पर संबंधित लाइसेंसी को चेतावनी दी गई और अनुपालन के स्पष्ट निर्देश दिए गए।
जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र ने कहा कि यह कार्रवाई विशेष अभियान का हिस्सा है और आने वाले दिनों में जिलेभर में ऐसी और दबिशें दी जाएंगी। उन्होंने साफ किया कि अवैध शराब बनाने या बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।