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विश्व रंगमंच दिवस : उन्नाव के कलाकारों ने बताई मंच की अहमियत

सैय्यद फैज़ान शीबू रहमान

Sat, Mar 28, 2026
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कला के जरिए समाज को दिशा देने पर हुई चर्चा

उन्नाव। शहर के सिविल लाइंस क्षेत्र में विश्व रंगमंच दिवस के मौके पर उदय सांस्कृतिक संस्थान की ओर से एक विचार गोष्ठी आयोजित की गई। कार्यक्रम में शहर के रंगकर्मियों और कला से जुड़े लोगों ने भाग लेकर रंगमंच की भूमिका, उसके बदलते स्वरूप और युवाओं के लिए उसमें मौजूद अवसरों पर खुलकर चर्चा की। गोष्ठी की शुरुआत में वरिष्ठ रंगकर्मी सुरेन्द्र वर्मा ‘बाबा जी’ ने रंगमंच की सामाजिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मंच सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि इसके जरिए समाज को आईना दिखाया जाता है। नाटक लोगों तक ऐसे संदेश पहुंचाते हैं, जो सीधे दिल और दिमाग पर असर डालते हैं और समाज में जागरूकता लाने का काम करते हैं। कार्यक्रम में मौजूद वरिष्ठ कलाकार मो. जब्बार अकरम ने रंगमंच को करियर के नजरिए से भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि पहले जहां अभिनय को पेशे के रूप में चुनना मुश्किल माना जाता था, वहीं अब हालात काफी बदल चुके हैं। सरकार और निजी संस्थानों की पहल से लखनऊ, बनारस, दिल्ली और पूना जैसे शहरों में एक्टिंग के लिए बेहतर प्रशिक्षण संस्थान उपलब्ध हैं। यहां से प्रशिक्षण लेकर युवा अपने करियर को नई दिशा दे रहे हैं। रंगकर्मी एस. के. टाइगर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि रंगमंच अभिनय की बुनियाद मजबूत करता है। उनके मुताबिक, जो कलाकार मंच से जुड़ा होता है, उसके लिए फिल्मों और वेब सीरीज़ में काम हासिल करना अपेक्षाकृत आसान हो जाता है, क्योंकि उसे अभिनय की मूल समझ पहले से होती है।वहीं राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि रंगमंच केवल अभिनय तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के व्यक्तित्व को भी निखारता है। मंच पर काम करने से संवाद, आत्मविश्वास और अभिव्यक्ति की क्षमता विकसित होती है, जो जीवन के हर क्षेत्र में काम आती है।गोष्ठी में जया उपाध्याय, रफ़ीक अहमद, रहमान रूमी और शफी अहमद खान समेत अन्य रंगकर्मियों ने भी अपने विचार रखे। सभी वक्ताओं ने एक सुर में कहा कि डिजिटल दौर में भी रंगमंच की अहमियत कम नहीं हुई है, बल्कि यह नए रूप में और ज्यादा प्रभावी बनकर उभर रहा है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने बताया कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य न सिर्फ रंगमंच को बढ़ावा देना है, बल्कि नई पीढ़ी को इस विधा से जोड़ना भी है, ताकि कला और संस्कृति की यह परंपरा आगे बढ़ती रहे।

Tags :

Unnao, THE LUCKNOW TIMES, uttar Pradesh news

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