दुर्घटना : एक्सप्रेसवे पर तेज रफ्तार बस टैंकर से टकराकर पलटी, 20 यात्री घायल
Sun, Mar 15, 2026
दो घायलों की हालत गंभीर, लखनऊ रेफर; आधे घंटे तक यातायात प्रभावित
उन्नाव। लखनऊ–आगरा एक्सप्रेसवे पर शनिवार देर रात एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। मटरिया टोल प्लाजा के पास गोरखपुर से दिल्ली जा रही एक तेज रफ्तार स्लीपर बस आगे चल रहे तारकोल से भरे टैंकर को ओवरटेक करते समय उससे टकरा गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बस अनियंत्रित होकर सड़क पर लहराते हुए पलट गई। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में चीख-पुकार मच गई और आसपास अफरातफरी का माहौल बन गया। जानकारी के मुताबिक बस में करीब 50 यात्री सवार थे। रात करीब 11:30 बजे जैसे ही बस मटरिया टोल प्लाजा के पास पहुंची, चालक ने आगे चल रहे टैंकर को ओवरटेक करने की कोशिश की। इसी दौरान बस टैंकर से टकरा गई और संतुलन बिगड़ने से पलट गई। दुर्घटना के बाद बस चालक और टैंकर चालक मौके से फरार हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही एक्सप्रेसवे पर तैनात गश्ती टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस और यूपीडा की रेस्क्यू टीम ने राहत कार्य शुरू किया। बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला गया और घायलों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया।इस दुर्घटना में करीब 20 यात्री घायल हो गए। इनमें से नौ यात्रियों को ज्यादा चोटें आई थीं, जिन्हें औरास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद दो घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ के लोकबंधु अस्पताल रेफर कर दिया गया। बाकी घायलों का इलाज औरास सीएचसी में किया गया। पुलिस के अनुसार हादसे में घायल यात्रियों में मुकेश यादव (24) निवासी पूरा बाजार अयोध्या, सानिया (18) अयोध्या, शाबिरा (38) अयोध्या, नितिन पांडेय (18) मलावन बस्ती, कुतुबुद्दीन (40) महाराजगंज और हिमांशु (19) निवासी सीवान, बिहार शामिल हैं। इनमें शाबिरा और कुतुबुद्दीन की हालत गंभीर होने पर उन्हें लखनऊ रेफर किया गया है। टैंकर में सड़क निर्माण में इस्तेमाल होने वाला तारकोल (डामर) भरा था। दुर्घटना के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। करीब आधे घंटे तक वाहनों की रफ्तार धीमी रही। बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को हटवाकर रास्ता साफ कराया, तब जाकर यातायात सामान्य हो सका। औरास कोतवाली के प्रभारी शरद कुमार ने बताया कि बस और टैंकर की टक्कर से यह हादसा हुआ है। नौ यात्रियों को ज्यादा चोटें आई थीं, जिनमें से दो को लखनऊ रेफर किया गया है। एक घायल को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि अन्य का इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और फरार चालकों की तलाश की जा रही है।
स्मार्ट मीटर बने मुसीबत : बढ़े बिजली बिलों पर उपभोक्ताओं का हंगामा
Sat, Mar 14, 2026
डीएम कार्यालय पहुंचकर किया प्रदर्शन, जांच तक कनेक्शन न काटने की मांग
उन्नाव। जिले में लगाए जा रहे स्मार्ट बिजली मीटर अब कई उपभोक्ताओं के लिए परेशानी का कारण बनते जा रहे हैं। शनिवार को बढ़े हुए बिजली बिलों से परेशान दर्जनों लोग जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गए और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिना किसी स्पष्ट कारण के उनके बिजली बिल कई गुना तक बढ़ गए हैं, जिससे आम परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि विभाग की लापरवाही और मनमानी के कारण उपभोक्ताओं को अनावश्यक बिलों का भुगतान करना पड़ रहा है। कई लोगों ने बताया कि उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार शिकायत भी की, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। एक उपभोक्ता ने आरोप लगाया कि मीटर बदलने के दौरान विभाग के एक कर्मचारी ने उनसे 20 हजार रुपये की मांग की थी। उनका कहना है कि जब उन्होंने पैसे देने से मना कर दिया तो उनके घर लगाए गए स्मार्ट मीटर में जानबूझकर गड़बड़ी कर दी गई। इसके बाद से उनके घर का बिजली बिल लगातार चार से छह हजार रुपये तक आने लगा, जबकि पहले बिल काफी कम आता था। पीड़ित का कहना है कि पिछले छह से सात महीनों से वह इसी समस्या से जूझ रहे हैं, जबकि उनकी बिजली खपत में कोई खास बदलाव नहीं हुआ है। वहीं उम्मीदनगर के रहने वाले एक ई-रिक्शा चालक ने भी अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि पहले उनके घर का बिजली बिल करीब 200 से 250 रुपये तक आता था। लेकिन स्मार्ट मीटर लगने के बाद यह बढ़कर करीब 3,500 रुपये तक पहुंच गया। इतनी बड़ी राशि जमा कर पाना उनके लिए मुश्किल हो गया। बिल न जमा होने पर विभाग की ओर से उनका कनेक्शन भी काट दिया गया। उनका कहना है कि अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और उनसे पूरा बकाया जमा करने को कहा जा रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार लिखित शिकायत देकर समस्या से अवगत कराया, लेकिन विभागीय अधिकारियों ने इस पर गंभीरता नहीं दिखाई। उनका आरोप है कि शिकायतें देने के बाद भी कोई जांच नहीं की जाती और मामले को टाल दिया जाता है।उपभोक्ताओं ने जिलाधिकारी से मांग की है कि बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष और तकनीकी जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक कारण सामने आ सके। साथ ही जिन कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार या लापरवाही के आरोप हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने यह भी मांग की कि जांच पूरी होने तक गरीब परिवारों के बिजली कनेक्शन न काटे जाएं और विवादित बिलों की वसूली रोकी जाए। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने चेतावनी दी कि यदि समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया तो वह आगे भी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
तीन अपनों को खोने का सदमा : पति की तेरहवीं के अगले दिन पत्नी ने लगा ली फांसी
Sat, Mar 14, 2026
व्हाट्सएप वीडियो में बोलीं—तीन साल में तीन अपनों को खो दिया, अब सहन नहीं होता
उन्नाव। शहर के पीडी नगर मोहल्ले में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। पति की तेरहवीं के अगले ही दिन एक 28 वर्षीय महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है। महिला ने यह कदम उठाने से पहले एक वीडियो बनाकर व्हाट्सएप स्टेटस पर साझा किया था, जिसमें उसने पति के बिना जीवन जी पाने में असमर्थता जताते हुए अपनी अंतिम इच्छाएं भी व्यक्त कीं। सदर कोतवाली क्षेत्र के पीडी नगर निवासी अशोक उर्फ बबलू का दो मार्च को बीमारी के चलते निधन हो गया था। परिवार के लोगों ने बताया कि शुक्रवार को उनकी तेरहवीं की रस्म पूरी हुई थी। इसके अगले ही दिन शनिवार सुबह उनकी पत्नी आरती उर्फ एकता (28) ने घर में फंदा लगाकर जान दे दी।
मृतक के छोटे भाई रोहित के मुताबिक, भाई की मौत के बाद से ही भाभी गहरे सदमे में थीं। वह अक्सर खुद को अकेला बताते हुए रोती रहती थीं। परिवार के लोगों ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की, लेकिन पति के निधन का दुख वह सहन नहीं कर पा रही थीं। परिजनों के अनुसार, शनिवार सुबह आरती ने अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर एक वीडियो पोस्ट किया था। वीडियो में वह सभी को नमस्कार करते हुए कहती हैं कि उनका अंतिम संस्कार अच्छे से कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि पति के बिना वह अब जी नहीं सकतीं और इतने कम समय में लगातार तीन अपनों को खोने का दुख सहन करना उनके लिए संभव नहीं है। वीडियो में आरती ने यह भी कहा कि माता-पिता के बाद पति ही एक लड़की का सबसे बड़ा सहारा होता है। लेकिन भगवान ने उनसे उनके माता-पिता और पति तीनों को छीन लिया। उन्होंने कहा कि लोग उन्हें ढांढस बंधाते हैं कि सब ठीक हो जाएगा, लेकिन उन्हें अब ऐसा कोई सहारा नजर नहीं आता जिससे वह सामान्य जीवन जी सकें। रोहित ने बताया कि स्टेटस देखने के बाद पास में रहने वाली उनकी मौसी तुरंत घर पहुंचीं, लेकिन तब तक आरती फंदे से लटक चुकी थीं। परिवार के लोगों ने उन्हें उतारने की कोशिश की, मगर उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अस्पताल चौकी प्रभारी अंजनी सिंह ने बताया कि महिला के मोबाइल को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। मामले की जांच की जा रही है। परिवार वालों के मुताबिक, आरती अपने माता-पिता की इकलौती संतान थीं। वह अपने पति के साथ पीडी नगर में ही माता-पिता के साथ रहती थीं। पिछले दो वर्षों में पहले उनकी मां और फिर पिता की बीमारी से मौत हो गई थी। इन दोनों घटनाओं से वह पूरी तरह उबर भी नहीं पाई थीं कि इसी बीच पति का भी निधन हो गया। परिजनों ने बताया कि आरती और अशोक की कोई संतान नहीं थी। ऐसे में पति की मौत के बाद उनका अकेलापन और बढ़ गया था। इसी मानसिक तनाव में उन्होंने यह कदम उठा लिया। वीडियो में आरती ने परिजनों से एक और इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि घर के पास खाली पड़े प्लॉट में उनके और उनके पति की एक साथ मूर्ति लगवा दी जाए, ताकि दोनों हमेशा साथ रह सकें। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की पूरी तरह पुष्टि हो सकेगी। फिलहाल मामले में अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है।