रफ्तार को मिली नई राह : लखनऊ-कानपुर की दूरी अब मिनटों में सिमटेगी
Mon, Jul 13, 2026
राजनाथ, गडकरी और सीएम योगी ने किया लोकार्पण, उन्नाव के झाऊखेड़ा से मिला विकास को रफ्तार
उन्नाव। लखनऊ और कानपुर के बीच रोजाना सफर करने वाले लाखों लोगों का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया। करीब 4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का सोमवार को लोकार्पण कर दिया गया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्नाव के पड़री खुर्द ग्राम पंचायत के मजरे झाऊखेड़ा में फीता काटकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को प्रदेश को समर्पित किया। अब मंगलवार सुबह से इस एक्सप्रेसवे पर आम लोगों के वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। दोपहर करीब 3:40 बजे हेलीकॉप्टर से कार्यक्रम स्थल पहुंचे केंद्रीय और प्रदेश सरकार के शीर्ष नेताओं का जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने स्वागत किया। लोकार्पण के बाद सभी अतिथियों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की और फिर अपने काफिले के साथ इसी एक्सप्रेसवे से लखनऊ के लिए रवाना हो गए। बाद में लखनऊ के सरोजिनी नगर स्थित सैनिक स्कूल के पास भी औपचारिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) की ओर से विशेष तकनीकी प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसमें एक्सप्रेसवे के निर्माण में अपनाई गई आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक, 3डी इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल, सुरक्षा व्यवस्था और भविष्य की विस्तार योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना में अत्याधुनिक निर्माण तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है, जिससे सड़क की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों बेहतर हुई हैं।
कल से शुरू होगा सफर, टोल भी देना होगा
मंगलवार 14 जुलाई की सुबह से एक्सप्रेसवे पूरी तरह आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इसके साथ ही टोल वसूली भी शुरू हो जाएगी। यह कंट्रोल्ड एक्सेस हाई-स्पीड एक्सप्रेसवे है, इसलिए यहां केवल कार, जीप, बस, ट्रक और अन्य मोटर वाहन ही चल सकेंगे। बाइक, स्कूटर, ऑटो, ई-रिक्शा, साइकिल, ट्रैक्टर और अन्य धीमी गति वाले वाहनों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
अब डेढ़-दो घंटे नहीं, सिर्फ 35 से 45 मिनट का सफर
इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने से सबसे बड़ा फायदा समय की बचत के रूप में मिलेगा। अभी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ट्रैफिक और जाम के कारण लखनऊ से कानपुर पहुंचने में डेढ़ से दो घंटे तक लग जाते थे। अब यही दूरी महज 35 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे न सिर्फ ईंधन की बचत होगी बल्कि उन्नाव और आसपास के इलाकों में लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्नाव को भी मिलेगा सीधा फायदा
एक्सप्रेसवे पर गंगाघाट, करेर पतारी, कोरारी और अमरसस के पास आधुनिक इंटरचेंज बनाए गए हैं। इनके जरिए उन्नाव, रायबरेली, लखनऊ और कानपुर के बीच आवागमन पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। उद्योग, व्यापार और निवेश के लिहाज से भी इस एक्सप्रेसवे को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
सुरक्षा पर रहेगा खास फोकस
एनएचएआई ने साफ किया है कि एक्सप्रेसवे पर तय गति सीमा और सभी सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाएगा। केवल निर्धारित वाहनों को ही प्रवेश मिलेगा, ताकि हाई-स्पीड कॉरिडोर पर सुरक्षित और निर्बाध यातायात सुनिश्चित किया जा सके।
एक मंच पर दिखे जिले के जनप्रतिनिधि
कार्यक्रम में सांसद डॉ. साक्षी महाराज, कानपुर सांसद रमेश अवस्थी, जिला पंचायत अध्यक्षा श्रीमती शकुन सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, सदर विधायक पंकज गुप्ता, पुरवा विधायक अनिल सिंह, बांगरमऊ विधायक श्रीकांत कटियार, भगवंतनगर विधायक आशुतोष शुक्ला, सफीपुर विधायक बंबा लाल दिवाकर, मोहान विधायक ब्रजेश रावत, विधायक मानवेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक पूनम शंखवार तथा विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) अरुण पाठक और अशोक अग्रवाल ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रशासनिक अमला भी रहा मुस्तैद
समारोह में प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह सहित एनएचएआई, जिला प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से लेकर सुरक्षा और यातायात प्रबंधन तक सभी व्यवस्थाओं की अधिकारियों ने लगातार निगरानी की। लोकार्पण के दौरान केंद्रीय एवं प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने प्रशासनिक अधिकारियों से भी परियोजना के संचालन और व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
सड़क विवाद गहराया... : पालिका और पीडब्ल्यूडी के दावों के बीच फंसी लोकनगर सड़क
Mon, Jul 13, 2026
पालिका पहले ही बता चुकी है अपनी सीमा से बाहर, अब लोक निर्माण विभाग ने भी किया इंकार
उन्नाव। लोकनगर की करीब 200 मीटर लंबी जर्जर सड़क अब लोगों के सब्र की भी परीक्षा लेने लगी है। एक साल से टूटी पड़ी सड़क और बारिश में जलभराव से परेशान स्थानीय लोगों का गुस्सा शनिवार को सड़क पर फूट पड़ा था। 50 से अधिक महिलाएं, पुरुष और युवा पानी से भरे गड्ढों के बीच ही धरने पर बैठ गए और नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि रोजाना बाइक और साइकिल सवार गिरकर चोटिल हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग सिर्फ जिम्मेदारी तय करने में लगे हैं। लोकनगर शहर का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जो रायबरेली-बिलग्राम (हरदोई-उन्नाव) मार्ग से जुड़ता है। इसी रास्ते से आसपास के कई मोहल्लों के अलावा बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक प्रतिदिन हजारों लोगों का इस सड़क से आवागमन होता है। बावजूद इसके सड़क का सबसे खराब 200 मीटर हिस्सा लंबे समय से बदहाल पड़ा है। बारिश के बाद हालात और बिगड़ गए हैं। पूरी सड़क तालाब जैसी नजर आती है। गहरे गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई दिखाई नहीं देती, जिससे आए दिन बाइक सवार फिसलकर घायल हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन किसी विभाग ने स्थायी समाधान नहीं कराया।
जलभराव के बीच धरने पर बैठे लोग
समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष एवं वार्ड सभासद ओमरेंद्र प्रताप पंकज लोधी के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने जलभराव वाली सड़क पर ही धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने बांस-बल्ली लगाकर कुछ देर के लिए आवागमन भी रोक दिया और जल्द सड़क निर्माण की मांग उठाई थी। लोगों का कहना था कि यदि समय रहते सड़क नहीं बनी तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है।
विधायक बोले, सोमवार तक काम नहीं शुरू हुआ तो मैं भी आपके साथ बैठूंगा
बता दें कि शनिवार को धरने की सूचना मिलने पर सदर विधायक पंकज गुप्ता मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने अधिकारियों से फोन पर बात कर सड़क की समस्या का तत्काल समाधान कराने को कहा था। विधायक ने प्रदर्शनकारियों के बीच घोषणा की कि अगर सोमवार तक सड़क पर काम शुरू नहीं हुआ तो वह स्वयं भी स्थानीय लोगों के साथ यहीं पर बैठेंगे। विधायक के आश्वासन के बाद लोगों ने प्रदर्शन समाप्त किया था।
पीडब्ल्यूडी ने कहा, यह हिस्सा हमारी सीमा में नहीं
धरने के बाद लोक निर्माण विभाग ने पत्र जारी कर अपना पक्ष रखा। विभाग के अनुसार पुराने सफीपुर मार्ग के 1.80 किलोमीटर हिस्से का चौड़ीकरण और डामरीकरण सदर विधायक के प्रस्ताव पर फरवरी 2026 में कराया जा चुका है। विभाग का कहना है कि इसके आगे का 200 मीटर हिस्सा लोक निर्माण विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए उसका निर्माण विभाग नहीं करा सकता।
पालिका ने भी पीडब्ल्यूडी पर फोड़ा ठीकरा
उधर नगर पालिका अध्यक्ष श्वेता भानू मिश्रा ने कहा कि रायबरेली-बिलग्राम मार्ग से जुड़ी लोकनगर की यह क्षतिग्रस्त सड़क पीडब्ल्यूडी की लापरवाही के कारण लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन हजारों लोगों को इस जर्जर सड़क से गुजरना पड़ता है और जनहित में इसका जल्द निर्माण कराया जाना चाहिए। वहीं पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि प्रवीण मिश्रा भानू ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा था कि सड़क की वास्तविक स्थिति और जनता की परेशानी सभी के सामने रखी जा रही है। उन्होंने संबंधित विभाग से शीघ्र संज्ञान लेकर सड़क की मरम्मत कराने की मांग की, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके।
टेंडर हुआ, बजट भी पास... फिर सड़क क्यों नहीं बनी?
समाजवादी पार्टी के नगर अध्यक्ष एवं वार्ड सभासद पंकज लोधी का दावा है कि लोकनगर की जिस 200 मीटर सड़क को लेकर लोग प्रदर्शन कर रहे हैं, उसके निर्माण के लिए नगर पालिका पहले ही प्रक्रिया पूरी कर चुकी थी। उनके अनुसार जून 2026 में पालिका ने अरविंद चंदेल के घर से सुशील बाजपेई के घर तक सड़क निर्माण का टेंडर जारी किया था। करीब 26.98 लाख रुपये की लागत से सड़क बनाए जाने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ, लेकिन महीनों बीतने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। उनका कहना है कि जब सड़क के लिए टेंडर और बजट दोनों मौजूद हैं, तो फिर निर्माण में देरी क्यों हो रही है, इसका जवाब जिम्मेदार अधिकारियों को देना चाहिए।
अब सबसे बड़ा सवाल... सड़क बनाएगा कौन?
एक तरफ नगर पालिका सड़क को पीडब्ल्यूडी की बता रही है, तो दूसरी तरफ पीडब्ल्यूडी इसे अपनी सीमा से बाहर बता रहा है। ऐसे में 200 मीटर की यह सड़क दो विभागों के बीच फंस गई है। जब तक जिम्मेदारी तय नहीं होती, तब तक रोजाना हजारों लोगों को टूटी सड़क, जलभराव और हादसे के खतरे के बीच सफर करना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि सड़क पर काम शुरू होता हुआ दिखना चाहिए।
हरियाली बढ़ाने की पहल : जीएनआरएफ का विशेष अभियान चलाया
Sun, Jul 12, 2026
पंकज गुप्ता, संदीप पांडे समेत कई गणमान्य लोगों ने लोगों से हर घर एक पौधा लगाने की अपील की
उन्नाव। पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में जीएनआरएफ (गरीब नवाज रिलीफ फाउंडेशन) की ओर से रविवार को शुक्लागंज स्थित शेरे पंजाब मार्केट में पौधा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने पहुंचकर पौधे प्राप्त किए। संस्था की ओर से सैकड़ों पौधों का वितरण करते हुए लोगों से अपने घर, मोहल्ले और आसपास के क्षेत्रों में अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा उनकी नियमित देखभाल करने की अपील की गई। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने कहा कि बढ़ते प्रदूषण और लगातार कम हो रहे हरित क्षेत्र को देखते हुए प्रत्येक व्यक्ति को पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उन्हें पेड़ बनने तक सुरक्षित रखना भी सभी की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपने परिवार के प्रत्येक सदस्य के नाम पर कम से कम एक पौधा लगाने का संकल्प लेने का आह्वान किया।पौधा वितरण शिविर के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला। बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं और स्थानीय नागरिकों ने पौधे लेकर पर्यावरण संरक्षण अभियान में सहयोग का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर सदर विधायक पंकज गुप्ता, नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि संदीप पांडेय, मौलाना असलम मदनी, नूर मोहम्मद, कामरान, शेरे पंजाब सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने संयुक्त रूप से हरियाली बढ़ाने और स्वच्छ पर्यावरण के लिए जनभागीदारी को सबसे प्रभावी माध्यम बताया।