उपनिदेशक का औचक दौरा : कर्मी निलंबित, सचिव को चेतावनी
Wed, Jan 28, 2026
दो ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के दौरान मिलीं गंभीर खामियां, एफआईआर तक की चेतावनी
उन्नाव। सुमेरपुर विकासखंड की दो ग्राम पंचायतों में बुधवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब उपनिदेशक पंचायतीराज शाश्वत आनंद औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान एक पंचायत में गंदगी और लापरवाही सामने आने पर सफाईकर्मी को निलंबित कर दिया गया, जबकि दूसरी पंचायत में रिकॉर्ड की भारी कमी पर सचिव को कड़ी फटकार लगाई गई। अधिकारियों को साफ शब्दों में चेतावनी दी गई कि तय समय में सुधार नहीं हुआ तो एफआईआर तक की कार्रवाई होगी। दोपहर के समय उपनिदेशक सबसे पहले ग्राम पंचायत बक्सर पहुंचे। यहां सचिव स्वाति पटेल से पंचायत से जुड़े अभिलेख मांगे गए, लेकिन वह पूरे कागजात प्रस्तुत नहीं कर सकीं। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ भुगतान बिना विधिवत पत्रावली के ही कर दिए गए थे। इस पर उपनिदेशक ने गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि यह गंभीर वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है। उन्होंने निर्देश दिए कि पिछले दो वर्षों के सभी अभिलेख एक सप्ताह के भीतर पूर्ण कर प्रस्तुत किए जाएं। ऐसा न होने पर संबंधित के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश भी दे दिए गए। निरीक्षण के दौरान पंचायत परिसर में बने आरआरसी सेंटर की स्थिति भी सवालों के घेरे में दिखी। दीवारों में दरारें और फर्श टूटी हुई पाई गई। उपनिदेशक ने इसे निर्माण गुणवत्ता से जुड़ा मामला बताते हुए तकनीकी जांच कराने और रिपोर्ट सौंपने के आदेश दिए।इसके बाद उपनिदेशक ग्राम पंचायत नारायणदासखेड़ा पहुंचे। यहां साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिली। गांव में जगह-जगह गंदगी और कचरे के ढेर दिखाई दिए। इस पर उन्होंने मौके पर ही जिम्मेदार सफाईकर्मी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया। साथ ही पंचायत अधिकारियों को चेताया गया कि स्वच्छता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। निरीक्षण के अंत में उपनिदेशक ने साफ कहा कि सरकारी योजनाओं और पंचायत संसाधनों में किसी भी तरह की ढिलाई या अनियमितता सीधे जनता के हितों से खिलवाड़ है। पंचायतों को पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ काम करना होगा, वरना कड़ी कार्रवाई तय है।
बर्ड फ्लू को लेकर अलर्ट : सभी पोल्ट्री फार्मों की होगी जांच
Tue, Jan 27, 2026
सीडीओ की अध्यक्षता में बैठक, कंट्रोल रूम और रैपिड रिस्पांस टीम के निर्देश
उन्नाव। जिले में बर्ड फ्लू (एवियन इन्फ्लूएंजा) की आशंका को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। एहतियाती कदमों के तहत मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी सुश्री कृतिराज की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में साफ कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति का इंतजार किए बिना सभी विभाग अभी से पूरी तैयारी रखें।सीडीओ ने बैठक में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी से अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में संचालित सभी 161 पोल्ट्री फार्मों का सत्यापन कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कहीं साफ-सफाई और जैव सुरक्षा मानकों में लापरवाही न हो। उन्होंने बताया कि फिलहाल जिले में बर्ड फ्लू का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है, लेकिन सतर्कता जरूरी है। जिला स्तरीय अधिकारियों की ड्यूटी रोस्टर के अनुसार तैनाती की जाएगी और तय चेकलिस्ट के आधार पर नियमित निगरानी होगी। संबंधित विभागों को उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में पत्र भेजने के भी निर्देश दिए गए हैं। बैठक में कंट्रोल रूम के गठन और उसके प्रभावी संचालन पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही रैपिड रिस्पांस टीम के गठन, बर्ड फ्लू से निपटने के लिए जरूरी दवाओं और संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। वन विभाग को झीलों और तालाबों को चिन्हित कर वहां आने वाले प्रवासी पक्षियों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। किसी भी स्थान पर पक्षियों की असामान्य मौत की सूचना मिलने पर तत्काल पशुपालन विभाग को अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं। सीडीओ ने बर्ड फ्लू को लेकर आमजन को जागरूक करने पर भी जोर दिया। पंचायती राज, सिंचाई, वन, चिकित्सा, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण और राजस्व विभाग सहित सभी संबंधित विभागों को अपने स्तर पर कार्य योजना तैयार कर गंभीरता से अमल करने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का कहना है कि सतर्कता और समय पर की गई तैयारी ही किसी भी संभावित खतरे से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है।
चलती कार में लगी आग : सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, समय रहते बाहर निकला चालक
Tue, Jan 27, 2026
कानपुर–उन्नाव मार्ग पर सिंगरोसी मोड़ के पास घटना
उन्नाव। सदर कोतवाली क्षेत्र में कानपुर–उन्नाव मार्ग पर सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सिंगरोसी मोड़ के पास चलती कार में अचानक आग लग गई। वीरेंद्र स्वरूप स्कूल के सामने हुई इस घटना में कुछ ही पलों में कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें निकलने लगीं। चालक की समझदारी और स्थानीय लोगों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। कानपुर से उन्नाव की ओर आ रही कार जैसे ही सिंगरोसी मोड़ के पास पहुंची, तभी कार के अगले हिस्से से धुआं निकलता दिखाई दिया। स्थिति को भांपते हुए चालक ने तुरंत गाड़ी सड़क किनारे रोकी और बिना देर किए बाहर निकल गया। कार से उतरते ही आग तेजी से फैलने लगी। घटना देख आसपास के दुकानदार, राहगीर और अन्य वाहन चालक मौके पर पहुंच गए। लोगों ने बाल्टियों में पानी भरकर और उपलब्ध छोटे अग्निशमन साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया। इसी दौरान किसी ने दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही दमकल की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। दमकल कर्मियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो कार पूरी तरह जल सकती थी और सड़क पर चल रहे अन्य वाहनों को भी नुकसान पहुंच सकता था। घटना के चलते कुछ समय के लिए कानपुर–उन्नाव मार्ग पर यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात संभाले और वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से निकलवाया। आग बुझने के बाद जली हुई कार को सड़क से हटवाया गया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन चलती कार में लगी आग ने एक बार फिर वाहन चालकों को सतर्क रहने की सीख दे दी।