एक भी पात्र मतदाता न छूटे : 31 जनवरी को लगेगा विशेष अभियान
Tue, Jan 27, 2026
नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन के लिए फॉर्म-6, 7 और 8 भरने की सुविधा
उन्नाव। जिले में विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची को अपडेट करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 की प्रक्रिया चल रही है। यह पुनरीक्षण 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र मतदाता सूची से बाहर न रह जाए और अपात्र नामों को हटाया जा सके।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुशील कुमार गोंड ने बताया कि 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन से जुड़े दावे और आपत्तियां ली जा रही हैं। इस अवधि में मतदाता अपनी प्रविष्टियों को ठीक करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण कार्य के तहत पहले 17 और 18 जनवरी तथा 31 जनवरी और 1 फरवरी को विशेष अभियान तिथियां निर्धारित की गई थीं। लेकिन 1 फरवरी 2026 को संत रविदास जयंती होने के कारण अवकाश रहेगा तो उस दिन विशेष अभियान नहीं होगा। वहीं 31 जनवरी 2026, शनिवार को विशेष अभियान पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित किया जाएगा। 31 जनवरी को जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों में बूथ लेवल अधिकारी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर मौजूद रहेंगे। बीएलओ सुबह 10:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक मतदाताओं की समस्याएं सुनेंगे और आवेदन स्वीकार करेंगे। इस दौरान नया नाम दर्ज कराने के लिए फॉर्म-6, नाम हटवाने के लिए फॉर्म-7 तथा नाम, पता या अन्य विवरण में सुधार और स्थानांतरण के लिए फॉर्म-8 भरा जा सकेगा। बीएलओ के पास मतदाता सूची की प्रति के साथ-साथ मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची भी उपलब्ध रहेगी, जिससे मौके पर ही सत्यापन किया जा सके। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए ग्राम प्रधान, वार्ड सदस्य, कोटेदार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का सहयोग लिया जा रहा है। मतदाता सूची के इस विशेष पुनरीक्षण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। बीएलओ सुपरवाइजर और सहायक निर्वाचन अधिकारी लगातार क्षेत्र में भ्रमण करेंगे। साथ ही निर्वाचन अधिकारी द्वारा जिले के करीब 10 प्रतिशत मतदान केंद्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि सभी दावे और आपत्तियों के निस्तारण के बाद मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 6 मार्च 2026 को किया जाएगा। प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे तय समय के भीतर अपनी प्रविष्टियां जांच लें और किसी भी त्रुटि को समय रहते ठीक कराएं।
गांधीनगर तिराहे पर ऑटो स्टैंड विवाद : पांच लोगों पर मुकदमा, तलाश में जुटी पुलिस
Sun, Jan 25, 2026
मारपीट के दौरान सोने की चेन गिरने का आरोप, धमकी देकर मौके से भागे आरोपी
उन्नाव। शहर के गांधीनगर तिराहे के पास शनिवार रात ऑटो स्टैंड पर सवारी बैठाने को लेकर हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया था। दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई। पीड़ित की शिकायत पर सदर कोतवाली पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।प्रदर्शनीनगर मोहल्ला निवासी तन्ना सोनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह पेशे से ऑटो चालक है। शनिवार शाम वह अपने साथियों के साथ स्टैंड पर मौजूद था। इसी दौरान सवारी बैठाने को लेकर उसकी अनुराग धानुक से कहासुनी हो गई थी। आरोप है कि विवाद के बाद अनुराग ने अपने साथियों को मौके पर बुला लिया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। तन्ना के मुताबिक, आरोपियों में आशीष यादव, सोल्जर गुप्ता, अमित गुप्ता और एक अन्य युवक अनुज शामिल है, जिसका पूरा पता अभी सामने नहीं आया है। मारपीट के दौरान जब उसके साथी आयुष पटेल बीच-बचाव करने पहुंचे तो आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई की। इस अफरा-तफरी में तन्ना के गले से सोने की चेन भी गिर गई। पीड़ित का कहना है कि घटना के बाद जब उसने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। घटना का वीडियो वायरल होने से मामला और गंभीर हो गया, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज किया। सदर कोतवाली प्रभारी चंद्रकांत मिश्रा ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर पांच आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपियों के पते खंगाले जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शहर के व्यस्त इलाके में हुई इस घटना ने ऑटो स्टैंडों पर आए दिन होने वाले विवादों और कानून व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्नाव की मिठास को मिली पहचान : ओडीओसी में चुना गया चकलवंशी का रसगुल्ला
Sun, Jan 25, 2026
पैकिंग से लेकर मार्केटिंग तक हर स्तर पर मिलेगी सरकारी मदद
उन्नाव। उन्नाव की पहचान अब सिर्फ इतिहास और गंगा किनारे बसे घाटों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मिठास के स्वाद से भी देश और दुनिया में पहुंचेगी। जिले के चकलवंशी इलाके के मशहूर रसगुल्ले को प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना एक जिला एक व्यंजन (ओडीओसी) के तहत चुना गया है। इसका मकसद स्थानीय व्यंजनों को नई पहचान देना और उन्हें वैश्विक बाजार तक पहुंचाना है।
प्रदेश सरकार ने पहले से चल रही एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना की तर्ज पर अब व्यंजनों को भी ब्रांड के रूप में विकसित करने की पहल की है। इसके तहत हर जिले से एक खास मिठाई या पारंपरिक खाद्य पदार्थ चुना जा रहा है, ताकि स्थानीय कारीगरों और व्यापारियों को बड़ा बाजार मिल सके। उन्नाव से इस सूची में चकलवंशी का रसगुल्ला अपनी अलग पहचान और स्वाद के चलते आगे आया है। जानकारी के मुताबिक, उद्योग विभाग ने पहले चरण में चकलवंशी के रसगुल्ले और कचौड़ी गली के समोसे का प्रस्ताव भेजा था। विस्तृत परीक्षण और गुणवत्ता मानकों के बाद रसगुल्ले को अंतिम रूप से चयनित किया गया है। अब इसे एक ब्रांड के तौर पर विकसित किया जाएगा। उपायुक्त उद्योग करुणा राय के अनुसार, रसगुल्ले को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) से प्रमाणन दिलाया जाएगा, ताकि देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी इसकी बिक्री में किसी तरह की दिक्कत न आए। इसके साथ ही कारोबार से जुड़े लोगों को भारतीय पैकेजिंग संस्थान के माध्यम से आधुनिक पैकेजिंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे मिठाई की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रह सके। सरकार की योजना यहीं तक सीमित नहीं है। रसगुल्ले के कारोबार को बढ़ाने के लिए व्यापारियों को 25 प्रतिशत सब्सिडी पर ऋण की सुविधा भी दी जाएगी। आधुनिक पैकिंग, बेहतर मार्केटिंग और ब्रांडिंग के जरिए इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थापित किया जाएगा। भविष्य में चकलवंशी के रसगुल्ले की जीआई टैगिंग कराने की भी तैयारी है, जिससे इसकी पहचान और कानूनी सुरक्षा दोनों मजबूत होंगी। स्थानीय मिठाई कारोबारियों का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ उनके व्यवसाय को नया आयाम मिलेगा, बल्कि चकलवंशी और उन्नाव का नाम भी देश-दुनिया में पहुंचेगा। पारंपरिक स्वाद अब आधुनिक पैकिंग और सरकारी सहयोग के साथ नए बाजार की ओर कदम बढ़ाने को तैयार है।