उत्तर प्रदेश दिवस पर साक्षी महाराज बोले : अब पहचान बन चुका है ‘उत्तम प्रदेश’
Sat, Jan 24, 2026
माघ मेला आस्था का विषय, विवाद से दूर रखें: साक्षी महाराज
उन्नाव। निराला प्रेक्षागृह में उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद साक्षी महाराज ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए उत्तर प्रदेश के बदलते स्वरूप और उपलब्धियों पर विस्तार से बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मजबूत शासन में उत्तर प्रदेश ने बीते कुछ वर्षों में नई पहचान बनाई है और अब यह सही मायनों में ‘उत्तम प्रदेश’ बन चुका है। सांसद साक्षी महाराज ने कहा कि आज का उत्तर प्रदेश केवल भौगोलिक रूप से बड़ा राज्य नहीं है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का केंद्र भी है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में सुधार, विकास कार्यों की गति और प्रशासनिक पारदर्शिता ने प्रदेश को आगे बढ़ाने का काम किया है। निवेश, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में हुए बदलाव साफ दिखाई दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश दिवस को हर नागरिक के लिए गर्व का विषय बताते हुए उन्होंने कहा कि यह वही भूमि है जहां भगवान श्रीराम, भगवान श्रीकृष्ण और बाबा विश्वनाथ की आस्था जुड़ी हुई है। यह प्रदेश सनातन संस्कृति और भारतीय परंपराओं की धरोहर है, जिसने सदियों से देश को दिशा दी है। उन्होंने कहा कि इस विरासत को संजोकर आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है। कार्यक्रम के दौरान सांसद साक्षी महाराज ने माघ मेले को लेकर उठ रहे सवालों पर भी स्पष्ट रुख रखा। उन्होंने कहा कि माघ मेला आस्था और श्रद्धा का पर्व है, इसे किसी भी तरह के विवाद से जोड़ना ठीक नहीं है। माघ मेले में सभी श्रद्धालुओं के लिए घाट खुले रहते हैं। कोई छोटा हो या बड़ा, हर व्यक्ति को स्नान करने का समान अधिकार है। गंगा मां किसी को स्नान से नहीं रोकतीं। उन्होंने कहा कि श्रद्धा के नाम पर किसी को भी वहां अपना व्यक्तिगत या राजनीतिक एजेंडा चलाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। माघ मेला समाज को जोड़ने वाला आयोजन है, न कि उसे बांटने का माध्यम। ऐसे धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
सांसद ने प्रदेशवासियों से अपील की कि उत्तर प्रदेश दिवस को केवल औपचारिकता न मानें, बल्कि इसे उत्सव के रूप में मनाएं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत पर हर नागरिक को गर्व होना चाहिए। जिस तरह से उत्तर प्रदेश तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ रहा है, आने वाले समय में यह देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होगा। कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी सुशील कुमार, मुख्य विकास अधिकारी कृति राज, भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एच. एन. प्रसाद, सांसद अन्य प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। सभी ने उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर प्रदेश की प्रगति और भविष्य को लेकर सकारात्मक विचार साझा किए।
तेज रफ्तार बनी काल : चेतावनी बोर्ड से टकराई बाइक, तीन युवकों की जान गई
Sat, Jan 24, 2026
शादी की तैयारी, नवजात की खुशी और फिर मातम, सड़क हादसे ने सब छीन लिया
उन्नाव। पुरवा-अचलगंज मार्ग पर शुक्रवार देर रात तेज रफ्तार ने तीन घरों के चिराग बुझा दिए। भूलेमऊ गांव के पास लोन नदी मोड़ पर तेज रफ्तार से दौड़ रही अपाचे बाइक चेतावनी साइन बोर्ड से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार तीनों युवक सड़क किनारे रखे सीमेंट के बोल्डर से जा भिड़े और सिर में गंभीर चोट लगने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। बताया गया कि बाइक पर सवार किसी ने भी हेलमेट नहीं पहना था। हादसा रात करीब 11:45 बजे हुआ। राहगीरों ने जब सड़क पर गिरे युवकों को देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे पुरवा कोतवाल अमरनाथ ने तीनों को जीवित समझकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुरवा भिजवाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान बीघापुर क्षेत्र के अढौली गांव निवासी 31 वर्षीय अनुराग पाल पुत्र रमेश, उनके ममेरे भाई बीघापुर के बैसनखेड़ा गांव निवासी 26 वर्षीय राहुल और दोस्त 25 वर्षीय सौरभ निवासी तौरा, पुरवा के रूप में हुई है। तीनों युवक बाजीखेड़ा की ओर से पुरवा की तरफ आ रहे थे। परिजनों के मुताबिक राहुल के मौसा के घर मोहनलालगंज, लखनऊ में शुक्रवार को भंडारे का आयोजन था। दिन में समय न मिल पाने के कारण तीनों ने रात में वहां जाने का फैसला किया था। योजना थी कि रात वहीं रुकेंगे और शनिवार को घर लौट आएंगे, लेकिन रास्ते में यह हादसा सब कुछ छीन ले गया। घटना की सूचना मिलते ही गांवों में मातम पसर गया। पोस्टमार्टम हाउस पर शव देखते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अनुराग की पत्नी ने कुछ दिन पहले ही एक बेटी को जन्म दिया था। अनुराग पेशे से ट्रक चालक था और तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसकी मौत से मां मुन्नी देवी और भाई अजीत व अनूप सदमे में हैं। राहुल बुलडोजर चलाने का काम करता था। उसके असमय चले जाने से मां रेनू और भाई रोहित बदहवास हैं। वहीं सौरभ दूध बेचकर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी शादी आगामी 28 अप्रैल को तय थी। शादी की तैयारियों के बीच सौरभ की मौत ने घर में कोहराम मचा दिया। परिजन बार-बार बेहोश हो रहे थे और चीख-पुकार से माहौल गमगीन बना रहा।स्थानीय लोगों ने बताया कि लोन नदी मोड़ पर पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। मोड़ खतरनाक है और रात में दृश्यता कम होने से जोखिम बढ़ जाता है। लोगों ने प्रशासन से वहां पर्याप्त रोशनी, रिफ्लेक्टर और स्पीड कंट्रोल के इंतजाम करने की मांग की है। यह दुर्घटना एक बार फिर तेज रफ्तार और सुरक्षा उपायों की अनदेखी के खतरनाक नतीजों की याद दिला गई।
पुरवा कोतवाल अमरनाथ यादव ने बताया कि तीनों युवकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि मोड़ पर बाइक की गति काफी तेज थी, जिससे चालक संतुलन नहीं बना सका और यह दर्दनाक हादसा हो गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
अवैध शराब पर आबकारी का शिकंजा : 63 लीटर कच्ची शराब बरामद
Fri, Jan 23, 2026
महुआ लहन नष्ट, एक महिला गिरफ्तार, दो मुकदमे दर्ज
उन्नाव। मौरावां थाना क्षेत्र में अवैध कच्ची शराब के कारोबार पर आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। छापेमारी के दौरान 63 लीटर कच्ची शराब बरामद की गई, जबकि मौके पर तैयार किया जा रहा करीब 300 किलो महुआ लहन नष्ट कर दिया गया। इस कार्रवाई में एक महिला को गिरफ्तार किया गया है, जिसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और संयुक्त आबकारी आयुक्त लखनऊ जोन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष प्रवर्तन अभियान के तहत की गई। अभियान का मकसद जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना है।
जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र के नेतृत्व में आबकारी निरीक्षक निशांत सिंह और मौरावां थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार को ग्राम लोटना और लालखेड़ा में दबिश दी। टीम को पहले से सूचना मिली थी कि इन गांवों में कच्ची शराब बनाई जा रही है। सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में बड़ी मात्रा में शराब और लहन बरामद हुआ।आबकारी अधिकारियों के मुताबिक, मौके पर मिला महुआ लहन शराब बनाने की प्रक्रिया में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसे वहीं नष्ट कर दिया गया ताकि दोबारा इसका उपयोग न हो सके। बरामद कच्ची शराब को कब्जे में लेकर नियमानुसार सील किया गया है। इस मामले में दो अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। गिरफ्तार महिला की पहचान सुमन पत्नी स्वर्गीय विनोद, निवासी बहुतिया, थाना मौरावां के रूप में हुई है। महिला से पूछताछ की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस अवैध धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जिला आबकारी अधिकारी अनुराग मिश्र का कहना है कि जिले में अवैध शराब के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने साफ किया है कि कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह किसी भी स्तर पर क्यों न हों। आम लोगों से भी अपील की गई है कि अगर कहीं अवैध शराब के निर्माण या बिक्री की जानकारी मिले तो तुरंत प्रशासन को सूचित करें।