डिजिटाइजेशन में बेहतर प्रदर्शन : दो बीएलओ सम्मानित
Sat, Nov 22, 2025
डीएम ने 165 उन्नाव विधानसभा क्षेत्र में जाकर देखा अभियान का हाल
उन्नाव। शनिवार को मतदाता सूची के खास पुनरीक्षण अभियान के लिए जिलाधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी गौरांग राठी ने विधानसभा क्षेत्र 165 उन्नाव का दौरा किया। उन्होंने अलग अलग बूथों पर पहुंचकर बीएलओ से काम की जानकारी ली और मैदान में चल रही तैयारियों को करीब से समझा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मतदाता सूची के डिजिटाइजेशन की रफ्तार पर खास ध्यान दिया। कई जगह काम की धीमी चाल पर उन्होंने निर्देश दिए, जबकि जिन बीएलओ ने मेहनत दिखायी थी उनकी खुलकर तारीफ की। अधिकारियों ने बताया कि इस बार अभियान का लक्ष्य है कि हर पात्र मतदाता का नाम सही तरीके से दर्ज हो और गलतियां जल्द ठीक हो जाएं। इसी सिलसिले में दो बीएलओ का काम सबसे बेहतर माना गया। शहर के जेर खिडकी कक्ष संख्या 2 में तैनात बीएलओ अमित कुमार और मोतीनगर कक्ष संख्या 4 के बीएलओ अरविन्द कुमार ने अपने क्षेत्र में बेहतर काम किया। दोनों ने समय पर घर घर पहुंचकर जरूरी सूचनाएं जुटाईं और सूची में सुधार के लिए साफ सुथरा काम पेश किया। उनकी मेहनत को देखते हुए मौके पर ही उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह सादा लेकिन उत्साह भरा रहा। जिलाधिकारी ने कहा कि अच्छा काम करने वालों की सराहना जरूरी है ताकि बाकी टीमें भी जिम्मेदारी के साथ काम करें। दोनों बीएलओ ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा है और वे आगे भी अपनी जिम्मेदारी पूरी सावधानी के साथ निभाएंगे। अभियान टीम ने तालियां बजाकर दोनों कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाया। इससे बाकी बीएलओ में भी अच्छा प्रदर्शन करने की चाह साफ दिखी।
फॉर्म वितरण 99 प्रतिशत पूरा : डीएम ने देखा अभियान की असली तस्वीर
Sat, Nov 22, 2025
2003 और 2025 की मतदाता सूचियों का मिलान पूरा, सुधार प्रक्रिया और साफ हुई
उन्नाव। मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान को जिलाधिकारी गौरांग राठी खुद मॉनिटर कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने कलेक्ट्रेट में लगाई गई हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया और वहां मौजूद कर्मचारियों से पूरे कामकाज की जानकारी ली। उन्होंने साफ कहा कि अभियान का मकसद मतदाता सूची को बिना गलती और पूरी पारदर्शिता के साथ तैयार करना है। जिलाधिकारी के अनुसार अभियान के तहत बीएलओ पूरे जिले में घर–घर जाकर प्रपत्र बांट रहे हैं। अब तक करीब–करीब सभी यानी लगभग 99 प्रतिशत मतदाताओं तक फॉर्म पहुंच चुके हैं। बाकी लोगों तक भी जल्द फॉर्म पहुंचा दिए जाएंगे। वर्तमान में जिले में 23 लाख 25 हजार से अधिक मतदाता दर्ज हैं। इनमें से लगभग 13 प्रतिशत मतदाता अपने फॉर्म भरकर वापस दे चुके हैं। फॉर्म मिलते ही उनका डेटा निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। डीएम ने बताया कि हर तहसील में हेल्प डेस्क तैयार हैं, जहां मतदाता किसी भी तरह की जानकारी या शिकायत लेकर पहुंच सकते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने विवरण ध्यान से भरकर समय से बीएलओ को दें, ताकि किसी का नाम सूची से छूट न जाए।
जिले में चल रहा अभियान अब तक अच्छा परिणाम दे रहा है। प्रशासन के अनुसार 50 प्रतिशत मतदाताओं की ऑनलाइन मैपिंग पूरी हो चुकी है, जबकि 70 प्रतिशत की फिजिकल मैपिंग भी संपन्न हो गई है। इसके साथ ही वर्ष 2003 और 2025 की मतदाता सूचियों का मिलान पूरा कर लिया गया है, जिससे गलतियों को पहचानने और सुधारने में आसानी हुई है।
डीएम ने कहा कि लक्ष्य है कि आगामी चुनाव से पहले पूरी मतदाता सूची शुद्ध, अद्यतन और त्रुटिरहित तैयार हो जाए। प्रशासन की टीम इसी दिशा में लगातार काम कर रही है।
कवाब-पराठे की मशहूर दुकान का वीडियो वायरल : खाने की गुणवत्ता पर उठे सवाल
Sat, Nov 22, 2025
वीडियो की पुष्टि नहीं, लेकिन शहरभर में गूंजी चर्चा
उन्नाव। शहर के गांधी नगर तिराहे पर चल रही एक मशहूर कवाब-पराठे की दुकान फिर चर्चा में है। यहां के डोसे में कीड़ा मिलने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर तेजी से घूमता रहा। वीडियो में एक शख्स डोसे के अंदर कथित रूप से कीड़ा दिखाता दिख रहा है। हालाकिं "द लखनऊ टाइम्स" इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता, लेकिन दिनभर शहर में इसी मुद्दे की बातें होती रहीं। गांधीनगर इलाके में यह दुकान रोज सुबह सैकड़ों लोगों की पहली पसंद रहती है। नाश्ता प्रेमी यहां लाइन लगाकर पहुंचते हैं। इसी बीच वायरल वीडियो ने लोगों को चौंका दिया। जैसे ही वीडियो फैला, कई स्थानीय लोगों ने खाद्य विभाग से जांच की मांग शुरू कर दी। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो की जानकारी मिल गई है, लेकिन अब तक किसी ग्राहक ने औपचारिक शिकायत नहीं दी। अधिकारी मानते हैं कि इस घटना ने शहर के होटल और रेस्टोरेंट में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इधर, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शैलेश दीक्षित ने बताया कि उन्हें यह मामला सोशल मीडिया के माध्यम से पता चला है। उन्होंने कहा कि तथ्य सामने लाने के लिए जांच कराई जाएगी और जरूरत पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर मामला सच निकला तो यह भरोसे पर बड़ा सवाल होगा, क्योंकि कई परिवार और ऑफिस जाने वाले लोग रोज यहां से नाश्ता करते हैं। फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि क्या कोई शिकायत दर्ज होती है और जांच में क्या निकलकर सामने आता है।