डीआरएम के निरीक्षण में मिली गड़बड़ी : तकनीकी खामियां मिलने पर रुका छमकनाली पुलिया का काम
Fri, May 8, 2026
डीआरएम ने कहा, सभी मानकों पर खरा उतरने के बाद ही शुरू होगा काम
उन्नाव। कानपुर-लखनऊ रेल मार्ग पर स्थित छमकनाली 108 पुलिया के पुनर्निर्माण कार्य पर रेलवे ने फिलहाल रोक लगा दी है। निरीक्षण के दौरान निर्माण कार्य में तकनीकी खामियां मिलने के बाद लखनऊ मंडल के डीआरएम सुनील कुमार वर्मा ने पैनल शिफ्टिंग और नए स्ट्रक्चर की स्थापना का काम रुकवा दिया। साथ ही कार्यदायी संस्था को कमियां दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। ब्रिटिशकालीन यह पुलिया लंबे समय से जर्जर हालत में थी। रेलवे की ओर से इसे बदलने की तैयारी कई दिनों से चल रही थी। कार्यदायी संस्था स्वास्तिक एंड कंपनी ने नया स्ट्रक्चर तैयार किया था। गंगा रेलवे पुल पर एच-बीम चैनल स्लीपर डालने के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया था और इसी दौरान पुलिया की पैनल शिफ्टिंग की जानी थी। शुक्रवार को डीआरएम सुनील कुमार वर्मा सड़क मार्ग से गंगाघाट स्टेशन पहुंचे। यहां से उन्होंने पुश ट्रॉली के जरिए छमकनाली 108 पुलिया तक पहुंचकर निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। निरीक्षण में उन्हें कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों में कई खामियां मिलीं। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए तत्काल प्रभाव से कार्य रोकने के निर्देश दिए। डीआरएम ने कहा कि सभी तकनीकी कमियां दूर होने के बाद ही आगे का कार्य शुरू कराया जाएगा। रेलवे किसी भी स्थिति में गुणवत्ता और सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। अधिकारियों के मुताबिक अब कार्यदायी संस्था को संशोधित निर्देशों के अनुसार स्ट्रक्चर में सुधार करना होगा। वहीं, सरैया रेलवे क्रॉसिंग पर भी रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डिप्टी चीफ इंजीनियर ब्रिज आशीष कुमार वर्मा ने बताया कि 30 मई से ब्लॉक लेकर गार्डर रखने का कार्य शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि चार दिनों के भीतर 108 पुलिया बदलने का लक्ष्य रखा गया है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने सरैया रेलवे क्रॉसिंग का भी जायजा लिया और गेटमैन से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
आवारा पशु का हमला बना जानलेवा : बुजुर्ग महिला की मौके पर मौत
Fri, May 8, 2026
लगातार बढ़ रहे हमलों से गांवों में दहशत, कार्रवाई की मांग तेज
उन्नाव। माखी थाना क्षेत्र के लग्लेशरपुर गांव में आवारा पशुओं का आतंक एक बार फिर जानलेवा साबित हुआ। गुरुवार सुबह घर में घुसे एक सांड ने 70 वर्षीय वृद्धा पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में दहशत और गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में आवारा सांडों और छुट्टा मवेशियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन जिम्मेदार विभाग समस्या को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा। मृतका की पहचान राम कुमारी पत्नी स्वर्गीय रजऊ के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह घर में अकेली थीं। इसी दौरान एक आवारा सांड अचानक घर के भीतर घुस आया और उन पर हमला कर दिया। बुजुर्ग महिला संभल भी नहीं सकीं और गंभीर चोट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के समय उनकी बेटी गयावती राशन लेने गई हुई थीं। वापस लौटने पर उन्होंने मां को घायल अवस्था में पड़ा देखा। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शुक्रवार को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। इस घटना के बाद गांव के लोगों में नाराजगी साफ दिखाई दी। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में आवारा पशुओं की समस्या अब केवल फसलों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि यह सीधे लोगों की जान के लिए खतरा बन चुकी है। गांवों की गलियों, खेतों और मुख्य सड़कों पर दिन-रात घूमते सांड और छुट्टा मवेशी आए दिन हादसों की वजह बन रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, कई बार शिकायतों के बावजूद छुट्टा पशुओं को पकड़ने या गौशालाओं में भेजने की कार्रवाई सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है। ग्रामीणों का आरोप है कि रात के समय हालात और ज्यादा खतरनाक हो जाते हैं, जब झुंड में घूम रहे सांड राहगीरों और बुजुर्गों पर हमला कर देते हैं।ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांवों में अभियान चलाकर आवारा पशुओं को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में इस तरह के हादसे और बढ़ सकते हैं।
तीन लाख आबादी को राहत : शहर में चार नलकूप भवनों का होगा पुनर्निर्माण
Fri, May 8, 2026
शासन से मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी, जल्द शुरू होगा काम
उन्नाव। शहर में लंबे समय से जर्जर पड़े नलकूप भवनों को अब नया रूप मिलने जा रहा है। शहर की पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर पालिका ने चार पुराने नलकूप भवनों के पुनर्निर्माण की तैयारी शुरू कर दी है। शासन स्तर से परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही निर्माण कार्य जमीन पर दिखाई देने लगेगा। इस काम पर करीब 24.01 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। शहर की करीब तीन लाख आबादी को रोजाना पानी सप्लाई करने के लिए नगर पालिका के पास कुल 20 नलकूप हैं। इनमें कई नलकूप भवन वर्षों पुराने हो चुके हैं और उनकी हालत काफी खराब हो गई है। बरसात और समय के असर से भवनों में जगह-जगह जर्जरता आ गई थी, जिससे संचालन और रखरखाव में भी दिक्कतें आ रही थीं। इसी को देखते हुए नगर पालिका ने चार नलकूप भवनों के पुनर्निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा था। मंजूरी मिलने वाले नलकूपों में बाबूगंज, पीडी नगर, कासिफ अली सराय के दो नलकूप और एबी नगर क्षेत्र का नलकूप शामिल है। नगर पालिका प्रशासन के मुताबिक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और जल्द ही निर्माण एजेंसी काम शुरू करेगी। नगर पालिका का कहना है कि नए भवन बनने से नलकूपों के संचालन में आसानी होगी और पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पहले से अधिक सुचारु हो सकेगी। गर्मी के मौसम में शहर में पानी की बढ़ती मांग को देखते हुए इस परियोजना को काफी अहम माना जा रहा है। ईओ संजय गौतम ने बताया कि पुराने भवनों की स्थिति लगातार खराब हो रही थी, जिसके चलते पुनर्निर्माण जरूरी हो गया था। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद लोगों को शुद्ध और नियमित पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही भविष्य में तकनीकी दिक्कतों की संभावना भी कम होगी।