शंखचूड़ के अंत की कथा ने बांधा समां : हर-हर महादेव से गूंजा मंदिर
Sat, Aug 22, 2026
रामकृष्ण दुर्गा मंदिर में चल रही एक माह की शिव महापुराण कथा में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
उन्नाव। गांधी नगर स्थित रामकृष्ण दुर्गा मंदिर में चल रही एक माह की शिव महापुराण कथा में शुक्रवार को शंखचूड़ वध की कथा सुनाई गई। कथा के दौरान भगवान शिव और दैत्यराज शंखचूड़ के बीच हुए युद्ध का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा के बीच मंदिर परिसर में हर-हर महादेव और भोलेनाथ के जयकारे गूंजते रहे। कथा प्रवक्ता शशांक शुक्ला ने बताया कि दैत्यराज शंखचूड़ को भगवान विष्णु से प्राप्त कवच और उसकी पत्नी तुलसी के पतिव्रत धर्म का ऐसा बल मिला था कि उसे पराजित करना देवताओं के लिए भी मुश्किल हो गया था। शंखचूड़ ने अपनी शक्ति के बल पर तीनों लोकों पर अधिकार कर लिया और देवताओं को परेशान करने लगा। देवताओं ने ब्रह्मा और भगवान विष्णु से सहायता मांगी। तब उन्हें बताया गया कि शंखचूड़ का अंत भगवान शिव के हाथों ही संभव है। इसके बाद महादेव ने देवताओं की रक्षा के लिए दैत्यराज से युद्ध किया। दोनों के बीच लंबे समय तक घमासान युद्ध चलता रहा। शंखचूड़ पर भगवान शिव के अस्त्र-शस्त्र भी तब तक प्रभावी नहीं हो सके, जब तक उसके पास विष्णु कवच और पत्नी के पतिव्रत का संरक्षण था। कथा के अनुसार, शंखचूड़ के कवच को अलग करने के लिए भगवान विष्णु ब्राह्मण का रूप धारण कर उसके पास पहुंचे और उससे कवच मांग लिया। इसके बाद भगवान विष्णु ने शंखचूड़ का रूप धारण किया। इससे तुलसी के पतिव्रत धर्म का प्रभाव समाप्त हुआ। जैसे ही शंखचूड़ का सुरक्षा कवच और पतिव्रत का संरक्षण समाप्त हुआ, भगवान शिव ने त्रिशूल से उसका वध कर दिया। शंखचूड़ वध का प्रसंग सुनते ही श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे लगाए। पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया। कथा के दौरान श्रद्धालुओं ने आरती और पूजन में भी हिस्सा लिया। मंदिर प्रबंधिका चंद्रावती देवी ने श्रद्धालुओं से एक माह तक चलने वाली शिव महापुराण कथा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। कथा आयोजन में डॉ. मनीष सिंह सेंगर, सत्येंद्र सिंह सचिन, शैलेंद्र सिंह चंदेल, आचार्य पंकज शुक्ला, सूरज शुक्ला, मोनी सिंह और राहुल कश्यप समेत अन्य व्यवस्थापक मौजूद रहे।
सेवा के चार साल पूरे : तीन दिन समाजसेवा के नाम
Sat, Aug 22, 2026
रक्तदान से लेकर भोजन वितरण और कवि सम्मेलन तक होंगे कार्यक्रम
उन्नाव। समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय कर्म क्रांति सेवा फाउंडेशन अपने चार साल पूरे होने पर तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित करने जा रहा है। संस्था की ओर से 23 से 25 अगस्त तक अलग-अलग स्थानों पर रक्तदान शिविर, भोजन वितरण, कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह होंगे। आयोजकों ने कार्यक्रम में शहरवासियों से बढ़-चढ़कर शामिल होने की अपील की है।कार्यक्रम की शुरुआत 23 अगस्त को जिला अस्पताल स्थित ब्लड बैंक से होगी। यहां सुबह नौ बजे से रक्तदान शिविर लगाया जाएगा। संस्था के संस्थापक अध्यक्ष चेतन मिश्रा ने बताया कि शिविर का उद्घाटन सांसद साक्षी जी महाराज करेंगे। उन्होनें संस्था की ओर से लोगों से अपील की गई है कि जरूरतमंद मरीजों की मदद के लिए अधिक से अधिक लोग रक्तदान करें। इसके बाद 24 अगस्त को रेलवे स्टेशन परिसर में जरूरतमंदों के लिए भोजन वितरण किया जाएगा। संस्था के संरक्षक अजय शुक्ला ने बताया कि यह संस्था की ओर से होने वाला 202वां भोजन वितरण कार्यक्रम होगा। उनका कहना है कि लगातार भोजन वितरण के जरिए जरूरतमंद लोगों तक भोजन पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। तीन दिवसीय आयोजन का समापन 25 अगस्त को होटल शिवा इन में कवि सम्मेलन और सम्मान समारोह के साथ होगा। कार्यक्रम शाम छह बजे से शुरू होगा। इसमें देश-प्रदेश के चर्चित कवि और गीतकार अपनी रचनाएं प्रस्तुत करेंगे। लाफ्टर चैलेंज फेम हास्य कवि हेमंत पांडेय, वरिष्ठ व्यंग्यकार दुर्गा बाजपेई, गीतकार धीरज सिंह चंदन, श्रृंगार गीतकार हेमा पांडेय और मार्मिक गीतकार अखिलेश अवस्थी अपनी प्रस्तुतियों से लोगों का मनोरंजन करेंगे। संस्था के वरिष्ठ उपाध्यक्ष डॉ. मनीष सेंगर ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाजसेवा के साथ साहित्य और संस्कृति को भी लोगों से जोड़ना है। आयोजन के दौरान सामाजिक क्षेत्र में योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित भी किया जाएगा। अध्यक्ष चेतन मिश्रा, हरदेवेंद्र सहाय, अविनीश राय, रक्तदान प्रभारी अम्बुज मिश्रा समेत संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि तीनों कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी रहेगी। उन्होंने सामाजिक कार्यों और साहित्य में रुचि रखने वाले लोगों से कार्यक्रमों में शामिल होने की अपील की है।
रक्षाबंधन से पहले मिलावट पर शिकंजा : 967 किलो माल जब्त-नष्ट
Fri, Aug 21, 2026
रामपुर गड़ऊवा में छापेमारी से मचा हड़कंप, खोया-मिल्क पाउडर समेत कई चीजों के लिए नमूने
उन्नाव। रक्षाबंधन से पहले बाजार में बिकने वाली मिठाइयों और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता परखने के लिए शुक्रवार को सहायक खाय आयुक्त प्रियंका सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को औरास क्षेत्र में अभियान चलाया। रामपुर गड़ऊवा बाजार में टीम की जांच के दौरान खाद्य कारोबार से जुड़े दस्तावेज और मानकों में खामियां मिलीं। कार्रवाई के दौरान अलग-अलग स्थानों से लिए गए नमूनों के साथ बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री को मौके पर नष्ट कराया गया। दो परिसरों पर कारोबार बंद कराने की कार्रवाई हुई, जबकि एक कारोबारी को व्यवस्था सुधारने का नोटिस दिया गया। खाद्य विभाग की टीम सबसे पहले पवन गुप्ता के परिसर पहुंची। यहां खोया, वनस्पति ऑयल और दूध की जांच के लिए नमूने लिए गए। मौके पर रखे 20 किलो खोया और 15 लीटर वनस्पति ऑयल को नष्ट करा दिया गया। जांच में खाद्य कारोबार से संबंधित जरूरी पंजीकरण और निर्धारित मानकों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। इसके बाद टीम ने परिसर में खाद्य कारोबार बंद कराते हुए सीलिंग की कार्रवाई की। इसके बाद टीम राम विलास की दुकान पर पहुंची। यहां छेना मिठाई, रिकमंड मिल्क पाउडर और दूध के नमूने लिए गए। जांच के दौरान 16 किलो मिल्क पाउडर को सीज कर दिया गया। विभाग ने संबंधित कारखाने को भी बंद करा दिया। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान ग्राहकों तक मानक के अनुरूप खाद्य सामग्री पहुंचाना है। इसी क्रम में टीम ने जनता ट्रेडर्स की भी जांच की। यहां से रिकमंड मिल्क और छेना पाउडर के नमूने लिए गए। इस प्रतिष्ठान पर तत्काल सीलिंग की कार्रवाई नहीं की गई, लेकिन खाद्य कारोबार में कमियां दूर करने के लिए कारोबारी को अंतरिम नोटिस जारी किया गया। विभाग ने साफ किया कि कमियां दूर नहीं होने पर आगे नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान राजेंद्र प्रसाद, आशीष कुमार वर्मा, महेश कुमार, पंकज यादव, वीरन सिंह मौजूद रहे
967 किलो सामग्री हुई नष्ट
खाद्य विभाग के अनुसार शुक्रवार को हुई कार्रवाई में कुल 967 किलो खाद्य सामग्री नष्ट कराई गई। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1.84 लाख रुपये बताई गई है। अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान जहां खाद्य मानकों और पंजीकरण से जुड़ी गंभीर कमियां मिलीं, वहां सीजर और सीलिंग की कार्रवाई की गई है। वहीं, जिन स्थानों पर सुधार की गुंजाइश मिली, वहां नोटिस देकर व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।
त्योहार पर मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच जांच तेज
रक्षाबंधन के आसपास खोया, दूध, मिल्क पाउडर और छेना से बनने वाली मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है। इसी दौरान मिलावट की शिकायतें भी सामने आती हैं। खाद्य विभाग का अभियान इसी को देखते हुए चलाया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर उनकी जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। खाद्य विभाग ने कारोबारियों को भी चेताया है कि खाद्य सामग्री तैयार करने और बेचने के लिए जरूरी पंजीकरण, साफ-सफाई और तय मानकों का पालन करना जरूरी है। नियमों की अनदेखी मिलने पर नमूना लेने के साथ सामग्री जब्त करने और प्रतिष्ठान बंद कराने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।